N1Live National छात्रों पर लाठीचार्ज और पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर संसद में विपक्ष का हंगामा, विपक्ष ने गृह मंत्री से मांगा जवाब
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छात्रों पर लाठीचार्ज और पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर संसद में विपक्ष का हंगामा, विपक्ष ने गृह मंत्री से मांगा जवाब

Opposition creates an uproar in Parliament over the lathi-charge on students and the use of pellet guns; demands a response from the Home Minister.

संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष के सांसदों ने छात्रों के प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज और पैलेट गन के इस्तेमाल के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सदन में विस्तृत जवाब देने, जांच रिपोर्ट पेश करने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की।

कांग्रेस सांसद रणदीप सुरजेवाला ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि विपक्ष इस मामले पर चर्चा चाहता है, लेकिन केवल चर्चा से समस्या का समाधान नहीं होगा। जवाबदेही भी तय की जानी चाहिए। कुछ छात्रों के शरीर से छर्रे (पेलेट्स) निकाले गए हैं और मेडिको-लीगल रिपोर्ट (एमएलसी) में धातु के टुकड़ों का उल्लेख किया गया है।

उन्होंने झारखंड की एक छात्रा का उदाहरण देते हुए कहा कि उसकी चोटें बेहद गंभीर हैं। देश के युवाओं को आंसू गैस और लाठीचार्ज का सामना क्यों करना पड़ा और गृह मंत्री को स्वयं संसद में आकर इन सवालों का जवाब देना चाहिए। गृह मंत्री को सबसे पहले देश के युवाओं से माफी मांगनी चाहिए।

कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने सरकार से मांग की कि वह इस पूरे घटनाक्रम पर विस्तृत जांच रिपोर्ट संसद में पेश करे। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से बताया जाना चाहिए कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग क्यों किया गया, इसका आदेश किसने दिया, किस स्तर पर निर्णय लिया गया और किन परिस्थितियों में इन हथियारों तथा गोला-बारूद का इस्तेमाल किया गया। जब तक सरकार जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं करती, तब तक इस विवाद का समाधान संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता पूरी तरह जायज सवाल उठा रहे हैं।

कांग्रेस सांसद अमन सिंह ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि सरकार के पास कोई स्पष्टीकरण है तो उसे प्रेस कॉन्फ्रेंस के बजाय संसद में रखा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सदन का सत्र चल रहा है और गृह मंत्री को वहीं आकर जवाब देना चाहिए। उन्होंने पेपर लीक के मुद्दे का उल्लेख करते हुए कहा कि जब तक व्यवस्था में सुधार नहीं होगा, तब तक ऐसी समस्याओं का समाधान संभव नहीं है।

कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभाई है। उनके अनुसार, जब छात्र जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हों और उनके खिलाफ लाठीचार्ज या पैलेट गन का इस्तेमाल किया जाए, तब विपक्ष के नेता का दायित्व बनता है कि वह उनकी आवाज उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि गृह मंत्री ने अब तक सदन में आकर विपक्ष के सवालों का जवाब नहीं दिया है।

कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय के अधीन आती है और बच्चों पर लाठीचार्ज जैसा निर्णय कोई अधिकारी अपने स्तर पर नहीं ले सकता। उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना होगा कि यह आदेश किसके निर्देश पर दिया गया।

उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हस्तक्षेप का आरोप भी लगाया। वहीं पंजाब में पेपर लीक के मुद्दे पर उन्होंने भाजपा और आम आदमी पार्टी पर राजनीतिक हमला बोलते हुए दोनों दलों पर एक साथ काम करने का आरोप लगाया।

कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग पर पलटवार करते हुए कहा कि छात्रों की आत्महत्याओं और उन पर हुए कथित लाठीचार्ज के लिए राहुल गांधी जिम्मेदार नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि माफी भाजपा को देश के युवाओं से मांगनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि देश जानता है कि इस कार्रवाई के आदेश किस स्तर से दिए गए।

कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने भी सरकार को घेरते हुए कहा कि किसी मंत्रालय के प्रमुख की नैतिक जिम्मेदारी होती है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि शिक्षा मंत्रालय के अधीन परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी हुई है तो जवाबदेही तय होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि नैतिकता के आधार पर भी सरकार को जवाब देना चाहिए।

समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने कहा कि प्रदर्शन में शामिल छात्रों को अब भी न्याय नहीं मिल रहा है और उनके खिलाफ कार्रवाई जारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के साथ अन्याय कर रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष जनता से जुड़े हर मुद्दे को संसद में मजबूती से उठाता रहेगा और छात्रों के अधिकारों की लड़ाई जारी रखेगा।

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