ओडिशा विधानसभा में शुक्रवार को मुख्य विपक्षी पार्टी बीजू जनता दल (बीजद) और कांग्रेस विधायकों ने अलग-अलग मुद्दों को लेकर जमकर हंगामा किया, जिसके कारण सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित करनी पड़ी। बीजू जनता दल ने ओडिशा सरकार द्वारा पंचायती राज दिवस की तारीख बदले जाने को लेकर सवाल उठाए।
बीजद विधायक कलिकेश नारायण सिंहदेव ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “भारत में पंचायती राज संस्थाओं, विशेषकर ओडिशा में तथा अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर बीजू बाबू का योगदान बहुत बड़ा है। बीजू जयंती की तारीख पंचायती राज दिवस के साथ मेल खाती है, इसीलिए उनके कद को छोटा करना और उन्हें अपमानित करना अनुचित है। तीस वर्षों से अधिक समय तक कांग्रेस शासन के दौरान और यहां तक कि भाजपा-बीजद गठबंधन सरकार के दौरान भी कुछ नहीं बदला गया था।”
बीजद विधायक अरुण कुमार साहू ने कहा, “हम विधानसभा का बहिष्कार करेंगे और तब तक विरोध-प्रदर्शन जारी रखेंगे, जब तक ओडिशा में भाजपा सरकार 5 मार्च को पंचायती राज दिवस मनाने की घोषणा नहीं करती है।”
वहीं, कांग्रेस विधायकों ने ओडिशा विधानसभा परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने राज्य में महिलाओं पर बढ़ते अत्याचारों को लेकर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की।
कांग्रेस विधायक राम चंद्र कदम ने कहा, “पिछले आठ महीने में भाजपा सरकार विफल रही है। सभी 30 जिलों में महिलाओं और लड़कियों के लिए कोई उचित सुरक्षा नहीं है। माताएं और बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। महिलाओं के खिलाफ अत्याचार के 16 से अधिक मामले प्रतिदिन सामने आते हैं, इसीलिए कांग्रेस ने एक केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल भेजने और हमारी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करने का फैसला किया है।”
बता दें कि ओडिशा की मौजूदा भाजपा सरकार ने पंचायती राज दिवस की तारीख 5 मार्च से बदलकर 24 अप्रैल कर दी है। बीजू जनता दल के विधायक इस फैसले के विरोध में उतर आए हैं। उन्होंने इस बदलाव को वापस लेने की मांग की है।
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