करनाल नगर निगम आयुक्त (केएमसी) सलोनी शर्मा ने अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर नगर निगम की भूमि से अतिक्रमण हटाने, नागरिक संपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड पूरा करने और राजस्व बढ़ाने वाली परियोजनाओं में तेजी लाने का निर्देश दिया है। उन्होंने अस्थायी अतिक्रमण हटाने के लिए 15 दिन की समय सीमा तय की और इसी अवधि के भीतर पिंगली डेयरी परियोजना के दूसरे चरण के लिए सीमांकन कार्य पूरा करने का आदेश दिया।
मंगलवार को नगर निगम की भूमि एवं राजस्व शाखा के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए शर्मा ने स्पष्ट कर दिया कि नगर निगम की भूमि की सुरक्षा, संपत्ति के रिकॉर्ड के रखरखाव और राजस्व सृजन सुनिश्चित करने में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सार्वजनिक जल निकायों की रक्षा के लिए गांवों के तालाबों को अतिक्रमण से मुक्त कराने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। आयुक्त ने उन्हें भविष्य के विकास के लिए उपलब्ध नगरपालिका भूमि की पहचान करने का भी निर्देश दिया।
नगरपालिका की जमीन के पट्टे की समीक्षा करते हुए संयुक्त आयुक्त दलजीत सिंह ने आयुक्त को सूचित किया कि 82 एकड़ जमीन पट्टे पर दी जा चुकी है, जबकि 46 एकड़ जमीन अभी तक पट्टे पर नहीं दी गई है क्योंकि किसानों को पट्टे की दरें बहुत अधिक लग रही हैं। आयुक्त ने अधिकारियों को शेष जमीन के लिए ई-नीलामी प्रक्रिया में तेजी लाने और अगली बुवाई के मौसम से पहले सभी औपचारिकताएं पूरी करने का निर्देश दिया। उन्होंने आयुक्त को बताया कि कर्मचारियों को ई-नीलामी पोर्टल चलाने का प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
शर्मा ने नगरपालिका की सभी जमीनों और संपत्तियों की जीआईएस मैपिंग का भी आदेश दिया, जिसमें उनकी वर्तमान और पिछली स्थिति शामिल है। संयुक्त आयुक्त प्रतिदिन प्रगति की समीक्षा करेंगे और साप्ताहिक रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। इस बीच, भूमि परिसंपत्ति प्रबंधन पोर्टल पर 192 संपत्तियां दर्ज की गई हैं, जिनमें लगभग 425 एकड़ भूमि का रिकॉर्ड अपडेट किया गया है। इनमें जमीन, भवन, सड़कें, पार्क, दुकानें, श्मशान घाट और तालाब शामिल हैं।
पिंगली डेयरी परियोजना की समीक्षा करते हुए आयुक्त को सूचित किया गया कि प्रथम चरण में सीमांकन का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि द्वितीय चरण का कार्य अभी लंबित है। परियोजना में शामिल 231 भूखंडों में से 137 आवंटित किए जा चुके हैं और 94 अभी भी अलॉट नहीं किए गए हैं। शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन भूखंडों का सीमांकन हो चुका है और जहां विकास कार्य और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं, उनके लिए ई-नीलामी शुरू की जाए। उन्होंने विशेष रूप से द्वितीय चरण में सड़कों, जल आपूर्ति, वर्षा जल निकासी और स्ट्रीट लाइट में सुधार के आदेश भी दिए।
इसके अलावा, स्वच्छता अधिकारी महावीर सोढ़ी को नगरपालिका सीमा के भीतर संचालित अवैध पशुपालन केंद्रों का सर्वेक्षण करने और प्रत्येक केंद्र पर पशुओं की संख्या दर्ज करने का निर्देश दिया गया। संयुक्त आयुक्त को ऐसे केंद्रों को सील करने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने को कहा गया।

