N1Live National 20 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने दिया री नीट एग्जाम, 37 दिनों में दोबारा परीक्षा कराना बड़ी चुनौती थी: एनटीए महानिदेशक
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20 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने दिया री नीट एग्जाम, 37 दिनों में दोबारा परीक्षा कराना बड़ी चुनौती थी: एनटीए महानिदेशक

Over 20 lakh candidates took the re-NEET exam; conducting the re-examination within 37 days was a major challenge: NTA Director General.

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने रविवार को नीट री-एग्जाम के सफल आयोजन को लेकर जानकारी दी। उन्होंने परीक्षा के आयोजन, सुरक्षा व्यवस्था, अभ्यर्थियों की संख्या, परीक्षा के परिणाम, काउंसलिंग प्रक्रिया और छात्रों का भरोसा बहाल करने के लिए उठाए गए कदमों पर बात करते हुए कहा कि यह परीक्षा बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में आयोजित की गई, लेकिन केंद्र और राज्य सरकारों सहित विभिन्न एजेंसियों के सहयोग से इसे सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया।

अभिषेक सिंह ने कहा कि पिछली परीक्षा रद्द होने के बाद मात्र 37 दिनों के भीतर देशव्यापी स्तर पर दोबारा परीक्षा आयोजित करना एक बड़ी चुनौती थी। उन्होंने बताया कि इस कार्य में केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, राज्य सरकारों, सुरक्षा एजेंसियों, अर्धसैनिक बलों, रेलवे, वायुसेना, शिक्षा मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय, गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय सहित कई संस्थानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि अभिभावकों, विद्यार्थियों, शैक्षणिक संस्थानों, परीक्षा केंद्रों, शिक्षकों, निरीक्षकों और केंद्र अधीक्षकों के सहयोग से यह परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित की जा सकी।

री-एग्जाम में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की संख्या के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि इस बार कुछ छात्रों की संख्या स्वाभाविक रूप से कम रही, क्योंकि कई विद्यार्थियों ने अन्य कॉलेजों या विकल्पों की ओर रुख कर लिया था। उन्होंने बताया कि देशभर में 5,440 परीक्षा केंद्रों और विदेशों में 14 केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें 20 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। उनके अनुसार इतनी बड़ी संख्या में परीक्षा का शांतिपूर्ण और व्यवस्थित संचालन अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।

परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की गड़बड़ी की रिपोर्ट मिलने के सवाल पर अभिषेक सिंह ने कहा कि विभिन्न केंद्रों से प्राप्त सूचनाओं को संकलित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कुछ स्थानों पर ऐसे लोगों को पकड़ा गया जो मोबाइल फोन या अन्य प्रतिबंधित सामग्री परीक्षा केंद्र के अंदर ले जाने का प्रयास कर रहे थे। बहुस्तरीय जांच, सीसीटीवी निगरानी और अन्य सुरक्षा उपायों का उद्देश्य ही अनियमितताओं को रोकना और किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत पकड़ना था। एनटीए ने इस बार सुरक्षा मानकों को पहले की तुलना में और अधिक सख्त बनाया था।

परीक्षा परिणाम और मेडिकल काउंसलिंग को लेकर अभिषेक सिंह ने कहा कि एनटीए जल्द से जल्द परिणाम जारी करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि जिस तेजी से एजेंसी ने परीक्षा रद्द होने के बाद 37 दिनों के भीतर दोबारा परीक्षा आयोजित की, उसी गति से परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मेडिकल कॉलेजों में दाखिले की काउंसलिंग प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी नहीं होने दी जाएगी और छात्रों के शैक्षणिक भविष्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि एजेंसी ने अपनी संगठनात्मक व्यवस्था में व्यापक सुधार किए हैं। नए अधिकारियों की नियुक्ति, नई प्रक्रियाओं का निर्माण, मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) में बदलाव और संचार प्रणाली को मजबूत करने जैसे कई कदम उठाए गए हैं। प्रश्नपत्र तैयार करने, अनुवाद, प्रिंटिंग, परिवहन और परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षित पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा कर उसमें सुधार किया गया। इसके परिणामस्वरूप परीक्षा को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से आयोजित करना संभव हो सका।

छात्रों को संदेश देते हुए अभिषेक सिंह ने कहा कि परीक्षा रद्द होने की घटना की जिम्मेदारी एनटीए ने स्वीकार की थी और उसी के बाद व्यवस्था में व्यापक सुधार किए गए। उन्होंने कहा कि एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की अनियमितता करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। जिन मामलों में जांच आवश्यक है, वहां जांच एजेंसियां कार्रवाई कर रही हैं और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कोई भी पेपर लीक माफिया या अनियमितता करने वाला व्यक्ति अब परीक्षा व्यवस्था के साथ खिलवाड़ नहीं कर पाएगा।

अभिषेक सिंह ने कहा कि एनटीए का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मेहनती और मेधावी छात्रों को उनकी योग्यता के आधार पर अवसर मिले। उन्होंने माना कि दोबारा परीक्षा देने से कई छात्र मानसिक रूप से परेशान हुए हैं, लेकिन एजेंसी भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

भविष्य में परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था और वायुसेना की भूमिका को लेकर पूछे गए सवाल पर अभिषेक सिंह ने कहा कि हर बार एयरफोर्स की सहायता की आवश्यकता नहीं होगी। इस बार परिस्थितियां विशेष थीं क्योंकि बहुत कम समय में पेन-एंड-पेपर मोड में परीक्षा आयोजित करनी थी। उन्होंने कहा कि कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं में प्रश्नपत्रों के भौतिक परिवहन की आवश्यकता नहीं होती। साथ ही उन्होंने बताया कि अगले वर्ष से नीट परीक्षा को कंप्यूटर आधारित स्वरूप में आयोजित करने की घोषणा की जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि इस बार अपनाए गए असाधारण उपाय विशेष परिस्थितियों के कारण थे और भविष्य में तकनीकी सुधारों के साथ ऐसी व्यवस्थाओं की आवश्यकता कम हो जाएगी। एनटीए का लक्ष्य सभी परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है।

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