August 31, 2026
National

1 सितंबर का पंचांग: गणेश और हनुमान जी की पूजा करना विशेष फलदाई, दोपहर 12:02 बजे से 12:51 बजे तक अभिजित मुहूर्त

Panchang for September 1: Worshipping Lord Ganesha and Lord Hanuman is especially rewarding; Abhijit Muhurat is from 12:02 PM to 12:51 PM.

हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है। कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है। पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है।

1 सितंबर 2026 (मंगलवार) को भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि सुबह 7:42 बजे तक रहेगी। इसके बाद पंचमी तिथि शुरू हो जाएगी। चतुर्थी तिथि विघ्नहर्ता गणेशजी को समर्पित होती है, जिनकी पूजा से सभी बाधाएं दूर होती हैं। मंगलवार का दिन होने के कारण हनुमान जी की उपासना भी इस दिन विशेष फलदायी रहेगी।

मंगलवार को सुबह 6:12 बजे सूर्योदय और शाम 6:40 बजे सूर्यास्त होगा। वहीं, रात 9:14 बजे चंद्रोदय और अगले दिन सुबह 10:50 बजे चंद्रास्त होगा। पंचांग के अनुसार, 1 सितंबर 2026 को सूर्य पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में रहेगा, जबकि चंद्रमा अश्विनी नक्षत्र में रहेगा। मंगलवार को हर्षण योग नहीं रहेगा, बल्कि इस दिन (रात 11:37 बजे) तक वृद्धि योग है। इसके बाद ध्रुव योग रहेगा। अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:02 बजे से 12:51 बजे तक रहेगा। यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है। अमृत काल रात 7:42 से रात 9:16 बजे तक रहेगा।

वहीं, राहुकाल सुबह 3:33 बजे से 5:07 बजे और गुलिक काल दोपहर 12:26 से 2:00 बजे तक रहेगा। इसके अलावा, यमगंड काल सुबह 9:19 से दोपहर 10:53 बजे तक रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इस समय में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए, क्योंकि इन्हें अशुभ समय माना जाता है। मंगलवार को इस दिन सूर्य सिंह राशि में स्थित रहेगा, जबकि चंद्रमा मेष राशि में स्थित रहेगा। उत्तर दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि यात्रा करना अनिवार्य हो, तो कुछ विशेष ज्योतिषीय उपायों को अपनाकर प्रस्थान किया जा सकता है।

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