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‘पराशक्ति’ के निर्माता देव रामनाथ ने दी सफाई, कहा- मेरा मकसद विजय फैंस को चेतावनी देना नहीं था

'Parasakthi' producer Dev Ramnath clarified, saying, "My intention was not to warn Vijay fans."

तमिल फिल्म इंडस्ट्री में हाल ही में ‘पराशक्ति’ के निर्माता और अभिनेता देव रामनाथ के बयान ने काफी चर्चा पैदा की। देव रामनाथ ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया था, जिसको लेकर लोग उन्हें ट्रोल कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि वह सुपरस्टार विजय और उनके फैंस के खिलाफ बोल रहे हैं। हालांकि, अब उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनका ऐसा कोई इरादा नहीं था। उनका कहना है कि उन्होंने केवल अपनी फिल्म को उचित सम्मान दिलाने के लिए कुछ बातें साझा की थीं, लेकिन कुछ लोगों ने इसका गलत अर्थ निकाला।

आईएएनएस से बातचीत में देव रामनाथ ने कहा, ”विजय सर मेरे लिए एक आदर्श हैं। मैं उनकी फिल्मों को बचपन से देखता आया हूं। मैं कोई बड़ा अभिनेता या निर्माता नहीं हूं। मैं सिर्फ यह चाहता हूं कि हमारी मेहनत की फिल्म को उसका उचित सम्मान मिले।”

उन्होंने कहा, ”मैंने पूरी मेहनत और लगन से फिल्म को तैयार किया है। यही स्थिति विजय की फिल्म ‘जन नायकन’ के साथ भी है। सैकड़ों लोग फिल्म में काम करते हैं और अगर किसी फिल्म को सही सम्मान नहीं मिलता या गलत तरीके से आलोचना का सामना करना पड़ता है, तो यह सभी के लिए मुश्किल हो जाता है।”

देव रामनाथ ने कहा, ”मैं किसी के खिलाफ नहीं हूं। मेरा मकसद विजय फैंस को चेतावनी देना नहीं था। फिल्म को उसका हक मिलना चाहिए। इसे कमतर दिखाना या उसके मूल्य को घटाना गलत है। फिल्म थिएटर में रिलीज हुई है, और इसका असली अनुभव वहीं मिलता है। ओटीटी पर देखकर केवल यह कहना कि फिल्म अच्छी है, इसका कोई मतलब नहीं है।”

उन्होंने कहा, ”विजय की ‘जन नायकन’ के साथ जो हुआ, वह भी गलत था। किसी भी फिल्म को बिना कारण गिराना, आलोचना करना या उसके मूल्य को कम आंकना सही नहीं है। इंडस्ट्री इस समय कठिन दौर से गुजर रही है। कई निर्माता अब फिल्म बनाने से पहले कई बार सोचते हैं और इस वजह से फिल्मों की संख्या भी कम हो रही है। ऐसे समय में यह लेखक, निर्देशक, निर्माता, अभिनेता और फैंस की जिम्मेदारी बनती है कि वे फिल्मों को सही सम्मान दें और उन्हें गिराने की बजाय बढ़ावा दें।”

बता दें कि निर्देशक सुधा कोंगरा की फिल्म ‘पराशक्ति’ मुख्य रूप से 1960 के दशक में तमिलनाडु में हुए एंटी-हिंदी आंदोलन पर आधारित है। इस आंदोलन ने राज्य में काफी हलचल मचाई थी और फिल्म इस ऐतिहासिक घटना पर आधारित कहानी पेश करती है। फिल्म में मुख्य भूमिकाओं में शिवकार्तिकेयन और श्रीलीला हैं। इसके अलावा, फिल्म में रवि मोहन खलनायक की भूमिका में हैं। ‘पराशक्ति’ को 10 जनवरी को पोंगल के मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज किया गया।

रिलीज होने के बाद सोशल मीडिया और रिव्यू साइट्स पर काफी नकारात्मक प्रतिक्रियाएँ देखी गईं। इस पर देव रामनाथ ने पोस्ट करते हुए कहा कि कुछ लोग पुराने वीडियो शेयर कर रहे हैं, थिएटर में राजनीतिक नारे लगा रहे हैं और टिकट बुकिंग साइट्स पर रेटिंग में छेड़छाड़ कर रहे हैं ताकि उनकी फिल्म का मुकाबला विजय की फिल्म ‘जन नायकन’ के साथ हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सही प्रतिस्पर्धा नहीं है और फिल्म को उसका हक मिलना चाहिए।

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