June 24, 2026
National

पठानकोट-जोगिंदर नगर नैरोगेज ट्रेन चार साल बाद पटरी पर लौटी, पंजाब-हिमाचल का रेल संपर्क बहाल

Pathankot-Joginder Nagar narrow gauge train returns to track after four years, Punjab-Himachal rail connectivity restored

पंजाब के पठानकोट को हिमाचल प्रदेश के जोगिंदर नगर से जोड़ने वाली ऐतिहासिक नैरोगेज रेल सेवा चार साल बाद एक बार फिर शुरू हो गई है। चक्की दरिया पर बने रेलवे पुल के पुनर्निर्माण के बाद रेल संचालन बहाल होने से पंजाब और हिमाचल प्रदेश के बीच टूटा हुआ रेल संपर्क फिर से जुड़ गया है। इस बहुप्रतीक्षित सेवा की शुरुआत से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि दोनों राज्यों के बीच व्यापारिक गतिविधियों में भी तेजी आने की उम्मीद है।

दरअसल, 2022 में भारी बारिश और बाढ़ के दौरान चक्की दरिया पर बना रेलवे पुल तेज बहाव की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गया था। पुल टूटने के कारण पठानकोट-जोगिंदर नगर रेलमार्ग पर ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया गया था। इसके चलते पंजाब और हिमाचल प्रदेश के बीच रेल संपर्क पूरी तरह से टूट गया था और यात्रियों को सड़क मार्ग से सफर करने के लिए मजबूर होना पड़ा था।

लगातार चार वर्षों तक चले निर्माण कार्य के बाद अब चक्की दरिया पर नया रेलवे पुल तैयार हो गया है। पुल के निर्माण के साथ ही रेल ट्रैक को फिर से बहाल कर दिया गया है और आज से ट्रेन सेवा का औपचारिक संचालन शुरू कर दिया गया। इस अवसर पर यात्रियों और स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला।

पठानकोट से हिमाचल की खूबसूरत वादियों तक जाने वाला यह नेरोगेज रेलमार्ग अपने प्राकृतिक दृश्यों और मनमोहक पहाड़ी रास्तों के लिए प्रसिद्ध है। ट्रेन सेवा शुरू होने से एक बार फिर पर्यटक सफर के दौरान हिमाचल की वादियों, पहाड़ों और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले सकेंगे।

ट्रेन के संचालन बहाल होने पर खुशी जताते हुए यात्रियों ने कहा कि पिछले चार वर्षों से ट्रेन सेवा बंद होने के कारण उन्हें बसों और अन्य वाहनों से यात्रा करनी पड़ती थी, जिससे समय और पैसे दोनों अधिक खर्च होते थे। अब ट्रेन शुरू होने से कम खर्च में आरामदायक यात्रा का विकल्प उपलब्ध हो गया है। यात्रियों का कहना है कि रेल सेवा बहाल होने से रोजमर्रा के कामकाज आसान होंगे और स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही, स्थानीय व्यापारियों का मानना है कि रेल संपर्क बहाल होने से पंजाब और हिमाचल प्रदेश के बीच व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

एक यात्री ने कहा कि हम बहुत खुश हैं कि ट्रेन सेवा फिर से शुरू हो गई है। बस से सफर करना मुश्किल और असुविधाजनक था। ट्रेन का यह सफर कहीं ज्यादा बेहतर है और यात्रियों को रास्ते में पड़ने वाले खूबसूरत नजारों और जगहों का आनंद लेने का मौका मिलता है। बस के मुकाबले इस ट्रेन का किराया भी काफी कम है। ट्रेन में महज 25 रुपए का किराया लगता है। एक अन्य यात्री ने कहा कि इस ट्रेन के दोबारा शुरू होने से लोगों को काफी राहत मिली है।

एक महिला सैलानी ने कहा कि इस ट्रेन से मैं पहली बार सफर कर रही हूं। हम ज्वाला जी जा रहे हैं। पहली बार सफर कर रही हूं तो काफी उत्साहित हूं। सफर के दौरान रास्ते में काफी हसीन बादियां देखने को मिलेंगी।

लोको पायलट जसपाल सिंह ने कहा कि यह ट्रेन सेवा जारी रहनी चाहिए, क्योंकि इससे लोगों को फायदा होता है। यह व्यापार को बढ़ावा देने में मदद करती है और पर्यटन को भी सहारा देती है, जिससे इस क्षेत्र के स्थानीय निवासियों और व्यवसायों, दोनों को लाभ पहुंचता है।

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