N1Live National सरकारी उदासीनता से त्रस्त जनता की उम्मीदें बसपा से, संगठन मजबूत कर चुनावी तैयारी करें तेज : मायावती
National

सरकारी उदासीनता से त्रस्त जनता की उम्मीदें बसपा से, संगठन मजबूत कर चुनावी तैयारी करें तेज : मायावती

People, fed up with government apathy, pin their hopes on the BSP; strengthen the organisation and speed up election preparations: Mayawati

31 मार्च । बहुजन समाज पार्टी (बसपा) मुखिया मायावती ने मंगलवार को यूपी स्टेट व जिला कमेटी की अहम बैठक में संगठन की जमीनी और आर्थिक मजबूती के साथ चुनावी तैयारियों को तेज करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि सरकारों की नीतियों से निराश जनता बसपा से उम्मीद लगाए बैठी है, ऐसे में पार्टी कार्यकर्ताओं को पूरी निष्ठा और मेहनत से काम करना होगा, लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में पार्टी संगठन के कामकाज की समीक्षा करते हुए मायावती ने निर्देश दिया कि पिछले दिशा-निर्देशों पर अमल की प्रगति रिपोर्ट को और बेहतर किया जाए और सर्वसमाज में पार्टी का जनाधार मजबूत करने के लिए जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ाई जाए।

उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि जनहित के मुद्दों पर उदासीनता के चलते आम जनता का जीवन संकट में है। खासकर उत्तर प्रदेश जैसे बड़े और गरीब राज्य में रोजी-रोटी की समस्या और विकराल हो गई है, जबकि सरकारें अब भी वादों और जुमलेबाजी के सहारे हालात सुधारने का दावा कर रही हैं।

मायावती ने अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि वैश्विक तनाव के कारण रसोई गैस, पेट्रोल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है, जिससे गरीब और मेहनतकश वर्ग की मुश्किलें कई गुना बढ़ गई हैं। उन्होंने सरकार से महंगाई पर नियंत्रण के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने की मांग की।

उन्होंने कहा कि ‘आत्मनिर्भरता’ केवल नारा नहीं, बल्कि इसे ईमानदारी से जमीन पर उतारने की जरूरत है। साथ ही यह भी सवाल उठाया कि क्या केवल प्राइवेट सेक्टर पर निर्भर रहकर देश को वास्तव में आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। इसके लिए दीर्घकालिक और सर्वसम्मत नीति बनाने की आवश्यकता है।

चुनावी तैयारियों पर जोर देते हुए बसपा प्रमुख ने साफ कहा कि पार्टी में आपराधिक तत्वों को कोई स्थान नहीं मिलेगा। प्रत्याशियों के चयन में ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की नीति के तहत सभी वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व देने के निर्देश दिए गए।

इसके साथ ही उन्होंने 14 अप्रैल को बाबासाहेब की जयंती को मिशनरी भावना के साथ मनाने का आह्वान किया। लखनऊ स्थित डॉ. अंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल पर बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करने और पूरे प्रदेश से कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मायावती ने आरक्षण के मुद्दे पर भी सरकारों को घेरते हुए कहा कि एससी, एसटी और ओबीसी वर्गों के संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज की सरकार के बिना इन वर्गों के अधिकारों की प्रभावी रक्षा संभव नहीं है।

महिला आरक्षण के संदर्भ में उन्होंने कहा कि कमजोर वर्गों की महिलाओं को अलग से प्रतिनिधित्व न मिलने पर अपेक्षित सामाजिक न्याय संभव नहीं होगा, जिस पर गंभीर विचार की जरूरत है।

Exit mobile version