February 24, 2026
National

नीतीश कुमार पर जनता का विश्वास 21 साल से अटूट है : विजय चौधरी

People’s trust in Nitish Kumar has remained unwavering for 21 years: Vijay Chaudhary

24 फरवरी । बिहार सरकार में मंत्री विजय चौधरी ने राजद नेता तेजस्वी यादव के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जिन्हें जनता ने हाल के विधानसभा चुनाव में नकार दिया, वे अब हमारी सरकार के बारे में क्या कहते हैं, फर्क नहीं पड़ता। बिहार की जनता को सीएम नीतीश कुमार की कार्यशैली पसंद है। इसीलिए, बार-बार जनता नीतीश कुमार को बिहार के विकास के लिए चुनती है।

मंत्री विजय चौधरी ने तेजस्वी यादव के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि पिछले 20-21 वर्षों में बिहार में क्या हुआ है। सिर्फ काम और डेवलपमेंट हुआ है। इसी कारण जनता हर बार हमारी सरकार को चुनती है। इसका पूरा सबूत इस दौरान हुए चार आम चुनाव हैं, और आम चुनाव में जनता का जो मत होता है, वही फैसला करता है कि सरकार का काम कैसा हुआ है। डेमोक्रेसी में लोगों का मैंडेट ही तय करता है कि सरकार ने कैसा काम किया है। अगर कोई अब भी आरोप लगाता है, तो यह उनकी अपनी राय है। नीतीश कुमार ने जनता के लिए काम किया है और उनके द्वारा किए काम और डेवलपमेंट की तारीफ जनता करती है।

उन्होंने कहा कि 21 वर्षों से लगातार इस सरकार और नीतीश कुमार पर जनता का भरोसा है। लेकिन कुछ लोगों को इसी में गड़बड़ी लगती है, अगर नीतीश सरकार में कोई गड़बड़ी होती तो हाल के विधानसभा चुनाव के नतीजों में एनडीए को भारी बहुमत नहीं मिलता। जनता ने तो बीते पांच साल के कार्यकाल पर नीतीश कुमार को एक बार फिर अपना नेता चुना है। बीते पांच साल के काम को जनता ने पसंद किया है।

बता दें कि राजद नेता तेजस्वी यादव ने बिहार की कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना साधा था। तेजस्वी यादव ने कहा था कि 21 साल से बिहार में एनडीए की सरकार है, फिर भी 21 साल में बिहार देश का सबसे गरीब राज्य, देश का सबसे बेरोजगार राज्य, और बिहार में सबसे ज्यादा पलायन है। प्रति व्यक्ति आय, प्रति व्यक्ति निवेश और प्रति व्यक्ति खपत के मामले में देश में बिहार सबसे चौपट और नीचे है। शिक्षा, स्वास्थ्य और खेलकूद के मामले में बिहार सबसे फिसड्डी राज्य है। बिहार में 21 सालों में केवल अपराध, भ्रष्टाचार, कुशासन और तानाशाही बढ़ी है। बिहार में भारी वित्तीय संकट है। भ्रष्टाचार से खजाना खाली हो चुका है। सरकार के पास हमारे सवालों का कोई जवाब नहीं है। ध्यान भटकाने के लिए तंत्र से बनी सरकार नित नए प्रपंच रचती रहती है।

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