N1Live National पीएम मोदी ने हजरत इमाम हुसैन की शहादत को किया नमन, बोले- सत्य और साहस की राह दिखाती है उनकी कुर्बानी
National

पीएम मोदी ने हजरत इमाम हुसैन की शहादत को किया नमन, बोले- सत्य और साहस की राह दिखाती है उनकी कुर्बानी

PM Modi pays tribute to the martyrdom of Hazrat Imam Hussain; says his sacrifice shows the path of truth and courage.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए उन्हें सत्य, न्याय, साहस और अटूट विश्वास का प्रतीक बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि इमाम हुसैन की कुर्बानी आज भी करोड़ों लोगों को सच्चाई और इंसाफ के रास्ते पर डटे रहने की प्रेरणा देती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हजरत इमाम हुसैन की शहादत को नमन करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि हजरत इमाम हुसैन का बलिदान आज भी अनगिनत लोगों को सत्य और न्याय की राह पर अडिग रहने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि उनकी शहादत साहस, दृढ़ संकल्प और अटूट विश्वास की अमर शक्ति की भी याद दिलाती है।

हजरत इमाम हुसैन, पैगंबर हजरत मुहम्मद साहब के नवासे (दोहिते), हजरत अली और हजरत फातिमा के छोटे पुत्र थे। इस्लाम के इतिहास में उनका स्थान बेहद सम्मानित और महत्वपूर्ण माना जाता है। उन्होंने 61 हिजरी यानी 680 ईस्वी में कर्बला के मैदान में सत्य, न्याय और इंसानियत की रक्षा के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी थी।

इतिहास के अनुसार, इमाम हुसैन ने अत्याचारी शासक यजीद के सामने झुकने और उसकी सत्ता को स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया था। इसके बाद कर्बला के युद्ध में उन्होंने अपने परिवार और 72 वफादार साथियों के साथ तीन दिन तक भूखे-प्यासे रहकर संघर्ष किया और शहादत स्वीकार कर ली, लेकिन अन्याय के आगे कभी सिर नहीं झुकाया।

यह शहादत आज भी इस्लाम में अत्याचार के खिलाफ डटकर खड़े होने का सबसे बड़ा प्रतीक मानी जाती है। हजरत इमाम हुसैन का बलिदान केवल मुस्लिम समुदाय ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए सत्य, न्याय, साहस और इंसानियत की रक्षा का अमर संदेश देता है। यही वजह है कि सदियों बाद भी उनकी कुर्बानी दुनिया भर के लोगों को अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने और सच्चाई के रास्ते पर अडिग रहने की प्रेरणा देती है।

Exit mobile version