October 30, 2026
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दिसंबर में ब्रसेल्स जाकर भारत-ईयू एफटीए पर हस्ताक्षर करेंगे पीएम मोदी: यूरोपीय परिषद अध्यक्ष

PM Modi will visit Brussels in December to sign the India-EU FTA: European Council President

 

नई दिल्ली, भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने गुरुवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिसंबर में ब्रसेल्स का दौरा करेंगे, जहां भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर किए जाएंगे।

कनाडा में मॉन्ट्रियल काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कोस्टा ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी दिसंबर में इस समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए आएंगे।” यह दौरा 17 दिसंबर से ब्रसेल्स में शुरू होने वाली यूरोपीय नेताओं की बैठक से ठीक पहले होने की संभावना जताई जा रही है।

भारत और यूरोपीय संघ ने इस वर्ष की शुरुआत में व्यापार समझौते पर वार्ता पूरी कर ली थी। माना जा रहा है कि यह समझौता 2 अरब से अधिक लोगों को कवर करने वाला एक विशाल बाजार तैयार करेगा, जिसकी हिस्सेदारी वैश्विक अर्थव्यवस्था में लगभग एक-चौथाई होगी।

पिछले सप्ताह केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि समझौते पर हस्ताक्षर होने के चार से पांच महीने के भीतर इसे लागू किया जा सकता है। उनके अनुसार, यह भारत और यूरोप दोनों के लिए व्यापार और निवेश के नए अवसर पैदा करेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भारत यात्रा के दौरान संयुक्त रूप से इस समझौते के सफल निष्कर्ष की घोषणा की थी। इसे भारत और यूरोपीय संघ के आर्थिक संबंधों में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर माना जा रहा है।

यह केवल एक पारंपरिक व्यापार समझौता नहीं है, बल्कि रणनीतिक महत्व वाली व्यापक आर्थिक साझेदारी है। यह भारत और यूरोपीय संघ को खुले बाजार, नीतिगत स्थिरता और समावेशी विकास के साझा लक्ष्य से जोड़ता है।

यूरोपीय संघ भारत के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में से एक है। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत और यूरोपीय संघ के बीच वस्तुओं का द्विपक्षीय व्यापार 136.54 अरब डॉलर (करीब 11.5 लाख करोड़ रुपए) रहा, जिसमें भारत का निर्यात 75.85 अरब डॉलर और आयात 60.68 अरब डॉलर दर्ज किया गया। वहीं सेवाओं के क्षेत्र में द्विपक्षीय व्यापार 83.10 अरब डॉलर (करीब 7.2 लाख करोड़ रुपए) तक पहुंच गया।

भारत और यूरोपीय संघ क्रमशः दुनिया की चौथी और दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं हैं। दोनों मिलकर वैश्विक जीडीपी का लगभग 25 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार का एक-तिहाई हिस्सा प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में दोनों अर्थव्यवस्थाओं का एकीकरण व्यापार और निवेश के अभूतपूर्व अवसर पैदा कर सकता है।

इस समझौते के तहत भारत को व्यापार मूल्य के आधार पर 99 प्रतिशत से अधिक वस्तुओं के लिए यूरोपीय बाजार में अभूतपूर्व बाजार पहुंच मिलने की उम्मीद है। इससे ‘मेक इन इंडिया’ पहल को भी बड़ा समर्थन मिलेगा। वस्तुओं के अलावा सेवाओं के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण अवसर खुलेंगे और एक व्यापक मोबिलिटी फ्रेमवर्क के जरिए भारतीय पेशेवरों की आवाजाही को अधिक सुगम बनाया जाएगा।

 

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