May 18, 2026
National

पीएम मोदी की नॉर्वे यात्रा महत्वपूर्ण, ऊर्जा-जलवायु और समुद्री क्षेत्रों में समझौते की उम्मीद : स्वीडिश राजदूत स्टेनर

PM Modi’s Norway visit is important, agreements are expected in energy-climate and maritime sectors: Swedish Ambassador Steiner

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नॉर्वे में हैं। उनकी यात्रा दोनों देशों के संबंधों को और प्रगाढ़ करेगी। कई अहम सेक्टर्स में समझौते की उम्मीद जताई जा रही है। भारत स्थित स्वीडिश दूतावास की राजदूत मे-एलिन स्टेनर के अनुसार, पीएम मोदी के इस दौरे का सबको बेसब्री से इंतजार था।

आईएएनएस से खास बातचीत में स्टेनर ने कहा, “हम इस यात्रा का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। पिछली बार जब किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने नॉर्वे का दौरा किया था, तब से अब 43 साल बीत चुके हैं। और जाहिर है, प्रधानमंत्री मोदी की यह पहली यात्रा है, इसलिए यह हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है।”

इस दौरान कई अहम समझौतों पर मुहर लगने की भी संभावना है। स्टेनर ने कहा, “एक व्यापार सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, और उस सम्मेलन में कई एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। ये मुख्य रूप से ऊर्जा, जलवायु और समुद्री क्षेत्रों से संबंधित होंगे।”

प्रधानमंत्री सोमवार को ओस्लो पहुंचे। यहां नॉर्वेजियन पीएम योनास गार स्टोरे ने उनका स्वागत किया। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी खुशी जाहिर की। पीएम स्टोरे का आभार जताया।

उन्होंने लिखा, “नॉर्वे पहुंच गया हूं। हवाई अड्डे पर गर्मजोशी से स्वागत के लिए प्रधानमंत्री योनास गार स्टोरे का आभारी हूं। चार दशकों से अधिक समय बाद यह नॉर्वे की पहली प्रधानमंत्री स्तरीय यात्रा है। मुझे विश्वास है कि यह यात्रा भारत-नॉर्वे मित्रता को नई ऊर्जा प्रदान करेगी। मैं महामहिम राजा हेराल्ड पंचम और रानी सोन्या से मुलाकात करूंगा तथा प्रधानमंत्री स्टोरे के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करूंगा। 19 तारीख को ओस्लो में तीसरा भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन आयोजित होगा, जो मेरे नॉर्डिक समकक्षों से मिलने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगा।”

नॉर्डिक सम्मेलन में नॉर्वे, डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड और स्वीडन के शीर्ष नेता भी भाग लेंगे। भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन की शुरुआत वर्ष 2018 में स्टॉकहोम में हुई थी, जबकि दूसरा सम्मेलन 2022 में कोपेनहेगन में आयोजित किया गया था। इस बार की बैठक में ग्रीन एनर्जी, डिजिटलाइजेशन, रक्षा सहयोग, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, आर्कटिक नीति और सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

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