प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 14 अप्रैल को यमुनानगर में दीनबंधु छोटू राम थर्मल पावर प्लांट (डीसीआरटीपीपी) में 800 मेगावाट की नई अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल इकाई की आधारशिला रखेंगे। जिला प्रशासन ने कार्यक्रम के लिए कुछ स्थानों की पहचान की है, जिनमें जगाधरी के निकट कैल गांव भी शामिल है।
आईजी अंबाला रेंज सिबाश कबीराज, उपायुक्त पार्थ गुप्ता, एसपी राजीव देसवाल सहित जिला प्रशासन के अन्य अधिकारियों ने बुधवार को कैल गांव का दौरा किया।
जानकारी के अनुसार केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने हरियाणा विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (एचपीजीसीएल) को यमुनानगर स्थित (गांव पांसरा में स्थित) थर्मल पावर प्लांट में तीसरी इकाई की स्थापना के लिए मंजूरी प्रदान की थी।
यह नई परियोजना इस सुविधा में विद्यमान 2X300 मेगावाट इकाइयों का विस्तार है। इस इकाई के निर्माण के लिए भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) को 7,272.06 करोड़ रुपये की लागत से निविदा आवंटित की गई है। यह इकाई राज्य में बिजली की तेजी से बढ़ती मांग को पूरा करेगी और युवाओं के लिए रोजगार पैदा करेगी।
इस मेगा परियोजना का निर्माण कार्य शुरू होने से स्टोन क्रशर व अन्य उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से काम/रोजगार का अवसर मिलेगा। जानकारी के अनुसार, यहां थर्मल प्लांट लगाने के लिए सालों पहले 15 गांवों की जमीन अधिग्रहित की गई थी। इस थर्मल प्लांट की 300 मेगावाट की पहली यूनिट अप्रैल 2008 में चालू हुई थी।
इशरपुर गांव निवासी नीरज सैनी ने कहा कि इस थर्मल पावर प्लांट से निकलने वाली राख के कारण थर्मल पावर प्लांट के नजदीक स्थित गांवों में रहने वाले लोगों के लिए कई समस्याएं पैदा हो गई हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार को फ्लाई ऐश की समस्या का समाधान करना चाहिए क्योंकि इससे उनके स्वास्थ्य और फसलों पर असर पड़ता है। सैनी ने कहा, “सरकार को इस थर्मल पावर प्लांट में स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने चाहिए।”
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