March 21, 2026
National

पीएमईजीपी से बदली तकदीर: 25 लाख के लोन पर खड़ा किया ईंट उद्योग, निकिता ने 25 लोगों को दिया रोजगार

PMEGP changed her fortune: Nikita set up a brick industry with a loan of 25 lakhs, providing employment to 25 people.

21 मार्च । उत्तर प्रदेश में सरकारी योजनाएं अब जमीनी बदलाव की ठोस कहानी लिख रही हैं। स्वरोजगार को बढ़ावा देने की पहल ने महिलाओं को न केवल आत्मनिर्भर बनाया है, बल्कि उन्हें रोजगार सृजनकर्ता के रूप में भी स्थापित किया है।

प्रदेश में संचालित स्वरोजगार योजनाएं खासकर महिलाओं के लिए अवसरों का नया द्वार खोल रही हैं। इसी कड़ी में लखीमपुर खीरी की निकिता वर्मा ने अपनी उद्यमिता से सफलता की नई इबारत लिखी है।

लखीमपुर खीरी जिले के शाहपुर राजा गांव की निवासी निकिता वर्मा ने सीमेंट ईंट निर्माण का व्यवसाय शुरू कर न सिर्फ खुद को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया, बल्कि क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी सृजित किए। उन्होंने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत 25 लाख रुपए का ऋण लेकर अपना प्लांट स्थापित किया।

निकिता के प्लांट में प्रतिदिन करीब 5 से 7 हजार ईंटों का उत्पादन होता है, जिससे उन्हें प्रति माह लगभग एक लाख रुपए का मुनाफा हो रहा है। उनके उद्योग से 25 लोगों को रोजगार मिला है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है।

निकिता ने सरकार की पीएमईजीपी योजना का लाभ लेकर न सिर्फ खुद को आत्‍मनिर्भर किया, बल्कि स्‍थानीय लोगों के लिए रोजगार का सृजन भी कर रही है। उन्होंने अपने प्‍लांट में करीब 25 लोगों को रोजगार भी दिया है।

निकिता की यह सफलता ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर उभरी है। उनका प्रयास न केवल अन्य महिलाओं को प्रेरित कर रहा है, बल्कि स्वरोजगार के जरिए आत्मनिर्भर बनने की राह भी दिखा रहा है।

बता दें कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) केंद्र सरकार की प्रमुख क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना के माध्यम से रोजगार सृजन को बढ़ावा देना है। इसका संचालन खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग द्वारा किया जाता है।

Leave feedback about this

  • Service