January 21, 2026
National

गरीबी बनी थी इलाज में बाधा, ‘आयुष्मान भारत योजना’ से मोतिहारी के बुजुर्गों की जिंदगी में आया नया उजाला

Poverty had become a barrier to treatment, but the Ayushman Bharat scheme has brought new light to the lives of the elderly in Motihari.

बिहार के मोतिहारी में रहने वाले रामसखी देवी और लालाबाबू राय के लिए केंद्र सरकार की ‘प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना’ एक नए उजाले की तरह साबित हुई है। वृद्धावस्था में आंखों में मोतियाबिंद होने के कारण रामसखी देवी और लालाबाबू राय की आंखों की रौशनी जा चुकी थी। गरीबी के कारण आंखों का ऑपरेशन नामुमकिन हो चुका था, लेकिन ‘आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ के लाभार्थी बनने के बाद अब इलाज संभव हो चुका है।

गरीब परिवारों के स्वास्थ्य लाभ के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत आयुष्मान कार्ड जारी किए। इसके तहत लोग पांच लाख तक मुफ्त इलाज करा सकते हैं।

मोतिहारी में इस योजना के लाभार्थी वैसे लोग हैं, जो आर्थिक रूप से बेहद कमजोर हैं। वे पैसे की कमी के कारण अपना इलाज नहीं करा सकते थे, लेकिन जब लोगों को पता चला कि मोतिहारी के अस्पताल में ‘आयुष्मान कार्ड’ से आंखों का ऑपरेशन मुफ्त हो रहा है, तो गांव से कई मरीज अस्पताल पहुंच गए, जिनमें रामसखी देवी और लालाबाबू राय भी शामिल हैं।

रामसखी देवी और लालाबाबू राय बताते हैं कि हमारी आंख की रोशनी चली गई थी और कुछ दिखता भी नहीं था, लेकिन हम धन्यवाद देते हैं सरकार का, जिनके आयुष्मान कार्ड से हमारे आंख का इलाज फ्री में हो गया और सरकार की इस योजना के चलते ही हम अब सब कुछ देख सकते हैं। मरीज के परिजनों का भी यही कहना है कि सरकार की इस योजना के सहारे ही अब हमारे लोग अब सब कुछ देख सकते हैं।

समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में लालाबाबू राय ने कहा, “आयुष्मान कार्ड से बहुत बड़ा लाभ मिला है। मेरी आंखों का मुफ्त में ऑपरेशन हुआ है। मैं सरकार को धन्यवाद करना चाहता हूं कि उसकी वजह से मेरी जिंदगी में फिर से उजाला हुआ है।”

‘आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ की प्रशंसा करते हुए रामसखी देवी की बहू नीतू ने कहा कि परिवार में बहुत गरीबी के कारण सांस की आंखों का इलाज कराना संभव नहीं था। हमें योजना के बारे में जानकारी मिली तो तुरंत अस्पताल में संपर्क करते हुए ‘आयुष्मान कार्ड’ बनाया। इसके सहारे आंखों का ऑपरेशन हुआ है।

डॉक्टर मेजर एबी सिंह ने बताया कि पहले गरीब पैसे के अभाव में इलाज ही नहीं कराते थे और अंधेपन का शिकार बन रहते थे। पहले जब यह सुविधा नहीं थी तो लोग इधर-उधर कैंप में जाकर इलाज कराते थे तो कई तरह की समस्या हो जाती थीं। अब मरीज ‘आयुष्मान कार्ड’ लेकर आते हैं और फ्री में अपना इलाज कराकर जाते हैं।

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