September 12, 2026
National

राष्ट्रपति मुर्मु ने ईरानी समकक्ष पेजेश्कियन से की मुलाकात, स्थायी शांति के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई

President Murmu met her Iranian counterpart Pezeshkian and reiterated India’s commitment to lasting peace.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शनिवार को नई दिल्ली में ईरानी समकक्ष मसूद पेजेश्कियन के साथ बैठक के दौरान संवाद और कूटनीति के माध्यम से स्थायी शांति की दिशा में भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया।

राष्ट्रपति सचिवालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया, “ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेश्कियन ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने ईरान और भारत के बीच लंबे समय से चले आ रहे दोस्ती के बंधन पर चर्चा की, जिसमें हमारे मजबूत सांस्कृतिक और जन-जन के संबंध शामिल हैं। राष्ट्रपति ने संवाद और कूटनीति के माध्यम से स्थायी शांति की खोज के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया।”

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि भारत और ईरान को दीर्घकालिक और दोनों के हित वाली रणनीति के साथ आगे बढ़ना चाहिए। पीएम मोदी ने नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मौके पर ईरानी राष्ट्रपति के साथ अपनी बैठक के बाद यह टिप्पणी की।

प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति पेजेश्कियन की यात्रा ‘और भी विशेष’ है क्योंकि वह पहली बार भारत आए हैं। उन्होंने एक्स पर लिखा, “बिश्केक से दिल्ली तक, सार्थक चर्चाएं जारी हैं। ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेश्कियन से मिलकर खुशी हुई। यह यात्रा इसलिए और भी विशेष है क्योंकि यह उनकी पहली भारत यात्रा है।”

उन्होंने कहा, “हमने भारत-ईरान दोस्ती के बारे में बात की। हमारा मानना है कि हमें दीर्घकालिक और सभी के लिए लाभकारी रणनीति के साथ आगे बढ़ना चाहिए। क्षेत्र के मौजूदा हालात पर भी चर्चा हुई। भारत स्थायी शांति की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता पर दृढ़ है।”

बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने समुद्री आवाजाही और व्यापार की स्वतंत्रता को बनाए रखने और नाविकों की सुरक्षा और कल्याण पर भी जोर दिया। दो सप्ताह से भी कम समय में दोनों नेताओं के बीच यह दूसरी मुलाकात थी। इससे पहले दोनों की मुलाकात 31 अगस्त को बिश्केक में एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी।

दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद ब्रिक्स से जुड़ी बैठकों में नियमित और उच्च-स्तरीय भागीदारी के लिए ईरान को धन्यवाद दिया।

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