धर्मशाला की जिला जेल में बंद एक दोषी कैदी की बुधवार शाम को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिसके बाद उसके परिवार ने साजिश का आरोप लगाते हुए घटना की गहन जांच की मांग की है।
मृतक की पहचान विवेक के रूप में हुई है, जो धर्मशाला के खानियारा का निवासी था और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पीओसीएसओ) अधिनियम के तहत दर्ज एक मामले में अपनी सजा काट रहा था।
जेल अधिकारियों के अनुसार, कैदी को कथित तौर पर उसकी जेल कोठरी के अंदर बिजली का झटका लगा।
सूत्रों ने बताया कि जेल कर्मचारियों ने शाम के समय बैरक से चीखने की आवाजें सुनीं और मौके पर पहुंचे, जहां विवेक कथित तौर पर कोठरी के अंदर एक लोहे की छड़ से फंसा हुआ मिला।
अधिकारियों को संदेह है कि बैरक में पंखा चलाते समय वह बिजली के करंट के संपर्क में आ गया होगा। बताया जाता है कि जेल कर्मचारियों ने बेहोशी की हालत में उसे धर्मशाला के जोनल अस्पताल ले जाने से पहले बिजली का तार हटा दिया था। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे डॉ. राजेंद्र प्रसाद सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, टांडा रेफर कर दिया, जहां पहुंचने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया।
इस अचानक हुई मौत ने जेल परिसर के अंदर सुरक्षा व्यवस्था और बिजली के रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जेल अधीक्षक विकास भटनागर ने कैदी की मौत की पुष्टि की और बताया कि प्रारंभिक तौर पर मौत का कारण बिजली का झटका लगना प्रतीत हो रहा है। उन्होंने कहा, “घटना के सटीक कारणों की जांच की जा रही है।”
पुलिस और जेल अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मृतक के परिवारवालों ने हालांकि साजिश का आरोप लगाते हुए कैदी की मौत के कारणों पर सवाल उठाए हैं। परिवारवालों और ग्रामीणों ने गुरुवार को कांगड़ा के पुलिस अधीक्षक अशोक रतन से मुलाकात की और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए लापरवाही पाए जाने पर जवाबदेही तय करने को कहा।


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