12 मार्च । दक्षिण भारतीय सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्री प्रियंका अरुल मोहन इन दिनों अपनी नई फिल्म ‘मेड इन कोरिया’ को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच उत्सुकता बनी हुई है। इसकी शूटिंग का बड़ा हिस्सा दक्षिण कोरिया में शूट हुआ और इसी वजह से प्रियंका को वहां करीब 40 दिनों तक रहना पड़ा।
इस कड़ी में आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में प्रियंका ने बताया कि कोरिया में शूटिंग करना उनके लिए जितना रोमांचक था, उतना ही चुनौतीपूर्ण भी रहा। उन्होंने खास तौर पर दो ऐसी चुनौतियों का जिक्र किया, जिनसे उन्हें जद्दोजहद करनी पड़ी।
आईएएनएस से बात करते हुए प्रियंका ने कहा, ”कोरिया में रहते हुए सबसे बड़ी परेशानी खाने को लेकर हुई। वहां की ज्यादातर डिशेज में रेड मीट का इस्तेमाल किया जाता है। चूंकि मैं शाकाहारी खाना पसंद करती हूं, इसलिए मेरे लिए वहां का खाना अपनाना थोड़ा मुश्किल हो गया था।”
प्रियंका ने हंसते हुए कहा, “मैं पूरी तरह शाकाहारी नहीं हूं, लेकिन आमतौर पर वही खाना पसंद करती हूं। हालांकि अब मैं थोड़ा-बहुत चिकन खा लेती हूं, इसलिए कई बार मुझे उसी से काम चलाना पड़ा।”
खाने के अलावा कोरिया का मौसम भी प्रियंका के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया। प्रियंका ने कहा, “वहां का मौसम बहुत तेजी से बदलता है और कई बार एक ही दिन में तीन-तीन तरह के मौसम देखने को मिल जाते हैं। सुबह तेज धूप होती है, दोपहर में अचानक बारिश शुरू हो जाती है, और रात तक बर्फ गिरने लगती है। ऐसे बदलते मौसम में शूटिंग करना पूरी टीम के लिए मुश्किल हो जाता था, क्योंकि फिल्म की शूटिंग में कई तकनीकी चीजों का ध्यान रखना पड़ता है। इसके बावजूद पूरी टीम ने मिलकर काम किया और फिल्म की शूटिंग सफलतापूर्वक पूरी की।”
प्रियंका ने कहा, “कोरिया में काम करने का अनुभव मेरे लिए बेहद खास रहा। यह मेरा पहला अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट था, और कोरियाई कलाकारों के साथ काम करना मुझे बहुत अच्छा लगा। वहां के कलाकार जमीन से जुड़े हुए लोग हैं। मैं शूटिंग से पहले अच्छी तरह रिहर्सल करती हूं और फिर कैमरे के सामने शॉट देती हूं। इस काम करने के तरीके ने मुझे काफी प्रभावित किया।”
उन्होंने कहा, ”फिल्म में दादी का किरदार निभाने वाली कोरियाई अभिनेत्री भी बहुत उत्साही थीं और मेरे साथ काम करना उन्हें बेहद पसंद आया।”
प्रियंका ने कहा, ”फिल्म की शूटिंग के दौरान पूरी टीम के साथ मेरी इतनी अच्छी दोस्ती हो गई थी कि जब शूटिंग खत्म होने के बाद मैं भारत लौटीं, तो मुझे उन सबकी कमी महसूस होने लगी थी। ऐसा लगा जैसे मैं उस माहौल से अचानक दूर हो गई हूं।”

