पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने मंगलवार को प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के तहत अमेरिकी आयात पर “शून्य शुल्क” की खबरों पर चिंता व्यक्त की और चेतावनी दी कि अगर कृषि उत्पादों को इसमें शामिल किया गया तो यह कदम भारतीय कृषि को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।
यहां जारी एक बयान में वारिंग ने कहा कि समझौते के दायरे को लेकर स्पष्टता की कमी ने किसानों, विशेषकर पंजाब के किसानों में चिंता पैदा कर दी है। उन्होंने कहा कि आशंका है कि अमेरिका से आने वाले कृषि उत्पादों को भारत में बिना किसी शुल्क के प्रवेश की अनुमति दी जा सकती है, जिससे घरेलू किसानों को नुकसान होगा।
वारिंग ने आरोप लगाया कि भले ही अमेरिकी आयात शून्य शुल्क पर हो, भारतीय उत्पादों पर 18 प्रतिशत तक शुल्क लग सकता है। उन्होंने कहा कि अगर कृषि उत्पादों को शून्य शुल्क व्यवस्था में शामिल किया गया, तो इससे किसानों को गंभीर नुकसान होगा और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को क्षति पहुंचेगी, जिसमें पंजाब सबसे ज्यादा प्रभावित होगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश को, और विशेष रूप से किसानों को, यह स्पष्ट करना होगा कि प्रस्तावित समझौते में उनके हितों से कोई समझौता नहीं किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा करने में विफल रहने पर किसानों की ओर से कड़ा विरोध हो सकता है।
वारिंग ने कहा कि यह मुद्दा केवल किसानों की आजीविका तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की आर्थिक स्थिरता के लिए इसके व्यापक निहितार्थ हैं।


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