18 जुलाई । पंजाब की जालंधर पुलिस ने टांडा के पूर्व थानाध्यक्ष (एसचओ) गुरिंदरजीत सिंह नागरा को देर रात गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले अमेरिका की एफबीआई की ओर से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में गुरिंदरजीत सिंह नागरा का नाम लेते हुए उन पर कथित तौर पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी और एक हत्या के मामले में फंसाने से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए थे।
उप पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय, जालंधर रेंज की ओर से शनिवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया गया है कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में एक मर्डर केस से जुड़ी जबरन वसूली के मामले में इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा पर अमेरिकी आरोपों की गंभीरता को देखते हुए उन्हें तुरंत थानाध्यक्ष टांडा के पद से हटाकर पुलिस लाइन्स, होशियारपुर भेज दिया गया। साथ ही, मर्डर केस की जांच होशियारपुर जिले के बाहर तैनात एक आईपीएस अधिकारी को सौंपी गई।
जांच के दौरान इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत नागरा के अमेरिका में रहने वाले एक परिवार से पैसे की मांग करने, जबरन वसूली करने और गैर-कानूनी तरीके से पैसे लेने में शामिल होने के पर्याप्त सबूत मिले हैं। तकनीकी विश्लेषण, वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड, गवाहों के बयान और अन्य सहायक सबूतों के आधार पर पेशेवर और बारीकी से जांच की जा रही है।
प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि अब तक की जांच से पता चला है कि इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा अमेरिका में रहने वाले परिवार से जबरन वसूली करने और गैर-कानूनी तरीके से 16 लाख रुपये लेने में शामिल पाए गए हैं। पर्याप्त सबूत मिलने के बाद, इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इसके बाद गुरिंदरजीत सिंह शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया और शनिवार को संबंधित अदालत में पेश किया जाएगा। साथ ही, पूरी साजिश का पता लगाने के लिए पुलिस रिमांड भी ली जाएगी।
प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया गया कि इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत नागरा को सस्पेंड कर दिया गया है और उनके खिलाफ उचित विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। नागरा के खिलाफ जांच जारी है और अन्य संबंधित सबूत जुटाए जा रहे हैं। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार और गलत आचरण के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के प्रति पंजाब सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

