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पंजाब फ्रंट ने हिमाचल के 4 बॉर्डर जिलों के लिए एंट्री टैक्स में छूट मांगी

पंजाब फ्रंट ने मंगलवार को पंजाब के सीमावर्ती जिलों रूपनगर, मोहाली, होशियारपुर और पठानकोट के निवासियों को हिमाचल प्रदेश में प्रवेश करते समय एंट्री टैक्स से पूरी छूट देने की मांग की। उनका तर्क है कि इस टैक्स से उन लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है जो अक्सर दोनों राज्यों के बीच यात्रा करते हैं।

पंजाब फ्रंट के कन्वीनर और एंटी-एंट्री टैक्स मूवमेंट की एक जानी-मानी आवाज़ गौरव राणा ने हिमाचल प्रदेश असेंबली स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया के सामने यह मांग उठाई। पठानिया नालागढ़ सबडिवीजन के माजरा में एक इंडस्ट्रियल वेस्ट डिस्पोजल प्लांट से जुड़ी प्रदूषण की चिंताओं का पता लगाने के लिए आए थे।

राणा ने कहा कि पंजाब की सीमा से लगे इलाकों की भौगोलिक और आर्थिक हालत हिमाचल प्रदेश के ऊपरी इलाकों से अलग है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती जिलों के लोग अक्सर बिज़नेस, रोज़ाना के कामों और परिवार की ज़रूरतों के लिए हिमाचल आते-जाते रहते हैं, जिससे बार-बार टैक्स देना उन पर पैसे का बोझ बन जाता है। उन्होंने कहा कि पंजाब सीमा पर करीब 33 जगहों पर एंट्री टैक्स वसूला जाता है और उन्होंने चारों जिलों के लोगों के लिए तुरंत राहत की मांग की।

राणा ने साफ़ किया कि संगठन 5 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों के लिए पास की जगह बॉर्डर पर रहने वालों के लिए टैक्स पूरी तरह खत्म करने की मांग कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सरकार मांग पर कोई पक्का फ़ैसला नहीं लेती, आंदोलन जारी रहेगा।

पठानिया ने डेलीगेशन को बताया कि यह मामला पहले से ही उनके संज्ञान में है। नालागढ़ के MLA हरदीप बाबा ने ग्रुप को भरोसा दिलाया कि भविष्य में एंट्री टैक्स नहीं बढ़ाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब के लोगों की सुविधा के लिए 5 किलोमीटर का पास सिस्टम पहले ही शुरू कर दिया गया है। हालांकि, राणा ने ज़ोर देकर कहा कि सिर्फ़ पूरी छूट से ही पक्की राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन लोगों को इकट्ठा करने के साथ-साथ कानूनी तरीकों से भी चलाया जा रहा है, और वकील उत्तांश मोंगा कोर्ट में इस मामले को आगे बढ़ा रहे हैं।

राणा ने यह भी सवाल उठाया कि पर्यावरण के नियमों के उल्लंघन के लिए 6.10 लाख रुपये का पर्यावरण मुआवजा लगाए जाने के बावजूद माजरा में वेस्ट डिस्पोजल प्लांट को सील क्यों नहीं किया गया। उन्होंने नालागढ़ और पंजाब की सीमा से लगे हिमाचल के दूसरे इलाकों में प्रदूषण फैलाने वाली इंडस्ट्रियल यूनिट्स की निष्पक्ष जांच और पर्यावरण के नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

पंजाब फ्रंट ने कहा कि जब तक उसकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जाता, वह अपनी पब्लिक और लीगल कोशिशें जारी रखेगा।

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