पंजाब के अनिवासी भारतीय मामलों के मंत्री रवजोत सिंह ने बुधवार को कहा कि अनिवासी भारतीय (एनआरआई) पंजाबियों के हर मुद्दे का पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से समाधान किया जाएगा। मोहाली के सेक्टर 82 में आयोजित ‘एनआरआई मिलनी-2026’ कार्यक्रम में एनआरआई पंजाबियों को संबोधित करते हुए रवजोत ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य एनआरआई की शिकायतों को सुनना और संबंधित अधिकारियों को उनके समाधान के लिए तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश देना है।
मोहाली, रूपनगर, पटियाला और फतेहगढ़ साहिब जिलों से बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीयों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। मंत्री ने कहा कि विदेश में बसे पंजाबी अपनी जड़ों, संस्कृति और विरासत से गहरा जुड़ाव बनाए रखते हैं और उन्होंने पंजाब और भारत दोनों को वैश्विक पहचान दिलाई है।
उन्होंने कहा, “जनवरी 2022 से मई 2026 के बीच एनआरआई मामलों के विभाग को कुल 26,828 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 25,870 का समाधान हो चुका है। इस अवधि में 1,187 एफआईआर दर्ज की गईं और 1,451 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।”
मंत्री ने आगे कहा कि प्रवासी भारतीयों से प्राप्त अधिकांश शिकायतें संपत्ति विवाद, भूमि पर अवैध कब्जा, दस्तावेज़ संबंधी अनियमितताएं और वैवाहिक मामलों से संबंधित हैं। रवजोत ने कहा, “हर साल लगभग 5,000 शिकायतें प्राप्त होती हैं, जिनमें से काफी संख्या में शिकायतों का समाधान आपसी समझौते या कानूनी प्रक्रियाओं के माध्यम से हो जाता है।” उन्होंने यह भी बताया कि वे व्यक्तिगत रूप से उन लंबित मामलों की निगरानी कर रहे हैं जिनमें कार्यवाही में देरी हुई है।
कनाडा में संविदा विवाह और जाली दस्तावेजों के माध्यम से कार्य परमिट या स्थायी निवास (पीआर) प्राप्त करने से जुड़े मामलों पर रवजोत ने कहा कि यह मुद्दा गंभीर और राष्ट्रीय महत्व का है। उन्होंने कहा कि हालांकि ऐसे मामलों को नियंत्रित करने वाला कानूनी ढांचा संसद के अधिकार क्षेत्र में है, लेकिन पंजाब सरकार राज्य में ऐसे बढ़ते मामलों को सक्रिय रूप से संबोधित कर रही है। मंत्री ने कहा, “हम ऐसी समस्याओं के स्थायी और प्रभावी समाधान के लिए केंद्र सरकार के समक्ष पंजाब का पक्ष मजबूती से रखेंगे।”


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