पंजाबी उपन्यासकार वज़ीर सिंह रंधावा और मनमोहन सिंह ढिल्लों को रविवार को पंजाबी लेखकों के संगठन जनवादी लेखक संघ का अध्यक्ष और संरक्षक चुना गया।
अमृतसर के एक स्थानीय विद्यालय में आयोजित संघ की बैठक के दौरान उनका चुनाव हुआ। बैठक में सिख विचारक और लेखक इक़वाक सिंह पट्टी के नवप्रकाशित उपन्यास “मैं थारेह आवंगी” का विमोचन किया गया। कथाकार दीप देविंदर सिंह ने विद्वानों का स्वागत करते हुए कवि देव दर्द और लेखक तलविंदर सिंह की दिवंगत साहित्यिक जोड़ी के योगदान को याद किया, जिन्होंने साहित्यिक समाज को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया था।
संस्था के सचिव सुमित सिंह ने संघ की गतिविधियों और प्रतिबद्धताओं पर प्रकाश डाला और सदस्यों ने सर्वसम्मति से स्तंभकार मनमोहन सिंह ढिल्लों को संस्था का संरक्षक चुना। उपन्यासकार वज़ीर सिंह रंधावा को अध्यक्ष पद के लिए चुना गया।
प्रधानाध्यापक कुलवंत सिंह अंखी ने दोनों लेखकों को बधाई दी और उन्हें अगले साहित्यिक कार्यक्रम के आयोजन के लिए प्रोत्साहित किया। मक्खन भैनीवाल ने ‘नीली छत वाला सादे कम करदा’ गीत गाया, जबकि गुरजीत कौर अजनाला, रामिंदरजीत कौर, परमजीत कौर, जसवंत गिल, इकवाक सिंह पट्टी और अंग्रेज सिंह विर्दी ने अपनी रचनाओं से प्रस्तुति में रंग भर दिया। इस अवसर पर मोहित सहदेव और कश्मीर सिंह ने समाज के सभी सदस्यों को धन्यवाद दिया।


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