March 21, 2026
National

पीडब्ल्यूडी घोटाला : सीबीआई कोर्ट ने आठ अधिकारियों को सजा सुनाई

PWD scam: CBI court sentences eight officials

21 मार्च । उत्तराखंड के देहरादून में स्थित सीबीआई कोर्ट ने 55 लाख रुपए के पीडब्ल्यूडी घोटाले मामले में कई अधिकारियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। केंद्रीय एजेंसी ने शनिवार को यह जानकारी दी।

सीबीआई ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि कोर्ट ने हरिद्वार के पीडब्ल्यूडी विभाग के एलडीसी दीपक कुमार वर्मा के अलावा मदन पाल (मेट), मणि राम (बेलदार), सुरेंद्र कुमार कौशिक (ड्राइवर), कासिम (रिटायर्ड बेलदार), रूड़की के यूडीसी सुखपाल सिंह, रोलर ड्राइवर चतर सिंह और हरिद्वार के सहायक कोषाधिकारी पालू दास को घोटाला मामले में दोषी पाया। इसके बाद उन्हें दो साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई, जबकि कुल 2.85 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है।

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने 7 मई 2003 को घोटाला केस में एक आदेश जारी किया था, जिसके आधार पर 9 अगस्त 2003 को सीबीआई ने मुकदमा दर्ज किया।

मामले में आरोप था कि 2001–2002 के दौरान हरिद्वार पीडब्ल्यूडी के कुछ अधिकारियों और निजी व्यक्तियों की मिलीभगत से फर्जी और बिना अनुमति के चेक जारी कर सरकारी धन की अवैध निकासी की गई, जिसकी कुल राशि 55,10,511 थी।

जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने 15 जून 2005 को 12 सरकारी कर्मचारियों और 08 प्राइवेट लोगों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की। ​​ट्रायल के दौरान 4 आरोपियों, यानी रवींद्र श्रीवास्तव, सुखचंद त्यागी, धर्मेंद्र कुमार भटनागर और इलमचन की मौत हो गई। बाद में उनके खिलाफ ट्रायल खत्म कर दिया गया। इसके अलावा 7 आरोपियों यानी रेखा नेगी, पूनम वर्मा, प्रतिभा, संजय कुमार, चंद्रावती, राजपाल, और रीना श्रीवास्तव ने अपना गुनाह कबूल किया और इसलिए उन्हें पहले ही ट्रायल कोर्ट ने दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।

कोर्ट ने अंत में ट्रायल के बाद बाकी आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई, जबकि एक निजी व्यक्ति प्रदीप कुमार वर्मा को सभी आरोपों से बरी कर दिया।

Leave feedback about this

  • Service