April 24, 2026
National

पीएम के विजन पर भरोसा, इस वजह से डिगा राघव चड्ढा का ‘आप’ से विश्वास, पार्टी टूटी

Raghav Chadha’s faith in the PM’s vision eroded his trust in AAP, leading to the split in the party.

24 अप्रैल । आम आदमी पार्टी (आप) को शुक्रवार को बड़ा झटका देते हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने दो अन्य सांसदों के साथ पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया है। उनके साथ राज्यसभा सांसद संदीप पाठक और अशोक मित्तल भी आप से अलग हो गए हैं। इसके साथ ही, तीनों नेताओं ने भाजपा में शामिल होने की घोषणा की है।

राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पार्टी छोड़ने के फैसले पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आप अपने मूल सिद्धांतों से पूरी तरह भटक गई हैं। उन्होंने कहा कि जिस आप को मैंने 15 सालों तक अपने खून से सींचा, वह अपने मार्ग से भटक गई है। अब यह देशहित के लिए नहीं बल्कि अपने निजी फायदों के लिए काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि पार्टी को दिल्ली, पंजाब और अन्य राज्यों में विस्तार देने के लिए सभी नेताओं ने मिलकर कड़ी मेहनत की थी, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। मैं आप से दूर जा रहा हूं और जनता के पास आ रहा हूं।

भाजपा में शामिल होने के फैसले पर चड्ढा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि पिछले 12 सालों में केंद्र सरकार ने कई ऐसे फैसले लिए हैं, जिन फैसलों को लेने से पहले कई नेता डरते थे। जनता ने इस नेतृत्व पर तीन बार मुहर लगाई है और अब हम भी उसी नेतृत्व में देश के लिए काम करेंगे।

राघव चड्ढा ने आगे कहा कि राज्यसभा में आप के 10 सांसद हैं और दो-तिहाई से ज्यादा सांसद इस मुहिम में हमारे साथ हैं। उन्होंने पहले ही हस्ताक्षर कर दिए हैं, और आज सुबह हमने सभी जरूरी दस्तावेज, जिनमें हस्ताक्षरित पत्र और अन्य औपचारिक कागज़ात शामिल हैं, राज्यसभा के सभापति को सौंप दिए हैं। जैसा कि मैंने बताया, दो-तिहाई से ज़्यादा सांसद हमारा समर्थन कर रहे हैं और हम जल्द ही आपको पूरी सूची उपलब्ध करा देंगे। उनमें से तीन सांसद अभी आपके सामने यहां मौजूद हैं। इनके अलावा, विश्व-स्तरीय क्रिकेटर हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, विक्रम साहनी और स्वाति मालीवाल भी शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से उन्हें लग रहा था कि वह गलत पार्टी में सही व्यक्ति हैं। इसी वजह से उन्होंने पार्टी से अलग होने का फैसला लिया है।

वहीं, संदीप पाठक ने कहा, “मैंने अपने जीवन में कभी नहीं सोचा था कि ऐसा समय भी आएगा, लेकिन आज वह स्थिति सामने है। आज मैं आम आदमी पार्टी से अपने सभी रिश्ते समाप्त करने की घोषणा करता हूं। मैं एक किसान परिवार से आता हूं। कठिन परिस्थितियों में पढ़ाई-लिखाई की और हमेशा एक ही उद्देश्य रहा, देश के लिए कुछ सार्थक करना।”

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