कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने मंगलवार को कहा कि कांग्रेस पार्टी के भीतर मुस्लिम नेताओं द्वारा उठाई गई चिंताओं की समीक्षा की जाएगी और इस मामले में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी दिशा देंगे। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा चुनावी प्रतिनिधित्व में मुस्लिम समुदाय को प्राथमिकता दी है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दिवंगत नेताओं के परिजनों को टिकट देने की परंपरा को इस मामले में गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। परमेश्वर ने कहा, “कुछ लोगों ने अपने वोटर आधार का हवाला देते हुए टिकट मांगा है, जो गलत नहीं है। कुछ कारणों से दिवंगत शमनूर शिवशंकरप्पा के परिवार को टिकट दिया गया है, इसे अलग नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। यह कांग्रेस का आंतरिक मामला है और पार्टी अध्यक्ष, मुख्यमंत्री व हम सभी मिलकर इसे सुलझाएंगे।”
गौरतलब है कि दावणगेरे साउथ उपचुनाव में मुस्लिम समुदाय के उम्मीदवार को टिकट देने की मांग को लेकर पार्टी के भीतर एक वर्ग नाराज था। चुनाव के बाद कथित रूप से पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप सामने आने पर कांग्रेस ने एमएलसी अब्दुल जब्बार और नसीर हुसैन को उनके पदों से हटा दिया।
अब्दुल जब्बार को पार्टी के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के पद से इस्तीफा देने को कहा गया, जबकि नसीर हुसैन ने इस्तीफा देने से इनकार किया, जिसके बाद उन्हें मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार पद से हटा दिया गया। एक अन्य मुद्दे पर परमेश्वर ने कहा कि उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा डायरेक्टरेट ऑफ सिविल राइट्स एन्फोर्समेंट (डीसीआरई) के एक इंस्पेक्टर के साथ कथित उत्पीड़न और एक एसपी द्वारा पुलिस महानिदेशक को लिखे गए पत्र के मामले में रिपोर्ट मांगी है।
उन्होंने कहा, “मैंने दोनों मामलों में डीजीपी से रिपोर्ट तलब की है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।” बताया जा रहा है कि डीसीआरई के एसपी एस.एस. काशी ने अप्रैल 2026 में डीजीपी एम.ए. सलीम को पत्र लिखकर मंगलुरु सिटी पुलिस कमिश्नर सुधीर कुमार रेड्डी पर मानसिक उत्पीड़न और पक्षपात के आरोप लगाए हैं। हालांकि पुलिस कमिश्नर रेड्डी ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है।


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