N1Live National राहुल गांधी के कांशीराम को लेकर दिए गए बयान का अब कोई महत्व नहीं : मनन मिश्रा
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राहुल गांधी के कांशीराम को लेकर दिए गए बयान का अब कोई महत्व नहीं : मनन मिश्रा

Rahul Gandhi's statement on Kanshi Ram has no significance now: Manan Mishra

भाजपा के राज्यसभा सदस्य मनन कुमार मिश्रा ने कई राजनीतिक मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान पर भी तीखी टिप्पणी की और कहा कि राहुल गांधी अक्सर बिना सोचे-समझे बयान देते रहते हैं। राहुल गांधी के कांशीराम को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि अब राहुल गांधी की बातों का कोई खास महत्व नहीं रह गया है।

उन्होंने कहा,”राहुल गांधी जो भी बिना सोचे-समझे कहते हैं, उसका अब कोई खास मतलब नहीं रह गया है।” मिश्रा ने इस दौरान देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के दौर का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय डॉ. भीमराव अंबेडकर के साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया गया था।

उन्होंने कहा, “नेहरू के जमाने में अंबेडकर की जो स्थिति हुई, वह सब जानते हैं। नेहरू जी ने उन्हें दो-दो बार चुनाव हरवाया और बाद में उन्हें मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना पड़ा। राहुल गांधी इसी तरह की अनाप-शनाप बातें करते रहते हैं।” बता दें कि राहुल गांधी ने कहा कि अगर नेहरूजी जिंदा होते, तो कांशीराम कांग्रेस के मुख्यमंत्री होते।

वहीं, मनन कुमार मिश्रा ने केरल की वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि चुनाव का समय नजदीक है, इसलिए केरल सरकार जो भी बयान दे या हाईकोर्ट में कोई हलफनामा दाखिल करे, उसका अब कोई खास असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सबरीमाला मंदिर का मुद्दा वहां की जनता के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और लोग इस पर अपना मन बना चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि सबरीमाला मंदिर के मुद्दे पर जनता ने फैसला कर लिया है। इस बार वहां सरकार बदलेगी और केरल में भाजपा-एनडीए समर्थित सरकार बनने वाली है।

मनन कुमार मिश्र ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति और नेतृत्व की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में दुनिया युद्ध और तेल संकट जैसी गंभीर चुनौतियों से गुजर रही है, लेकिन ऐसे समय में भारत की विदेश नीति काफी प्रभावी साबित हुई है।

उन्होंने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही बाधित होने के बावजूद भारत ने अपने जहाजों को सुरक्षित वापस लाने में सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा, “आज दुनिया युद्ध और तेल संकट से जूझ रही है। ऐसे मुश्किल समय में हमारी विदेश नीति काफी प्रभावी रही है। उदाहरण के तौर पर होर्मुज में जहां अंतरराष्ट्रीय जहाजों का रास्ता बंद हो गया था, वहां से हमारे दो जहाज ईरान से भारत पहुंच चुके हैं और एलपीजी लेकर आने वाले कई और जहाज रास्ते में हैं।”

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