छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज ने संसद में पारित वक्फ विधेयक को मुस्लिम समाज के लिए उम्मीदों और तरक्की का रास्ता बताया है। सलीम राज ने शुक्रवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि यह बिल तलाकशुदा और विधवा महिलाओं के उद्धार के साथ-साथ गरीब मुसलमानों को उनका हक दिलाने के लिए है।
उनका कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘सबका साथ, सबका विकास’ की बात करते हैं और बिना जाति-पात के भेदभाव के सभी की भलाई चाहते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि वक्फ बोर्ड की 5000 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति पर 90 फीसद कब्जा भू-माफिया, समाज के ठेकेदारों और कांग्रेस के बड़े नेताओं ने किया हुआ है। गरीब मुसलमानों का इसमें कोई हाथ नहीं है। इस विधेयक के जरिए कब्जे हटाकर गरीब मुसलमानों को फायदा पहुंचाने की कोशिश है।
डॉ. सलीम राज ने कहा कि मुस्लिम समाज इसका स्वागत कर रहा है, लेकिन कुछ पिछड़े सोच वाले ठेकेदार इसका विरोध कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष ने एक नई मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि जैसे वक्फ बोर्ड है, वैसे ही एक ‘सनातन बोर्ड’ बनना चाहिए।
उनका मानना है कि धर्म के कामों के लिए अलग से बोर्ड होने से मंदिरों और मस्जिदों की देखभाल, जीर्णोद्धार और प्रबंधन बेहतर हो सकेगा। अभी धार्मिक विभाग के पास कई जिम्मेदारियां होने से समय की कमी रहती है। सनातन बोर्ड बनने से हिंदुओं की आस्था से जुड़े मठों और जमीनों की बिक्री को भी रोका जा सकेगा। इसके लिए वह पीएम मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखने की योजना बना रहे हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि यह विधेयक मुस्लिम समाज को मजबूत करने और उसकी संपत्ति को सही हाथों में लाने का प्रयास है। उन्होंने समाज से इसे समर्थन देने की अपील की।