राजस्थान पुलिस की सीआईडी इंटेलिजेंस ने देश विरोधी गतिविधियों में शामिल एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए फंडिंग चैनल चलाने के शख्स को गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी ‘ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट, 1923’ के तहत चल रही जांच में एक अहम घटनाक्रम है।
अधिकारियों के अनुसार, आरोपी रफीक चांद शेख (निवासी औरंगाबाद, महाराष्ट्र) ने आईएसआई हैंडलर्स से भारत में जासूसी गतिविधियों में शामिल होने के संदेह वाले लोगों तक पैसे पहुंचाने में मदद की थी।
इससे पहले भारतीय सशस्त्र बलों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी आईएसआई हैंडलर्स को देने के आरोप में राजस्थान के जैसलमेर के रहने वाले झाबरा राम और असम के डिब्रूगढ़ में इंडियन एयर फ़ोर्स स्टेशन पर तैनात मल्टी-टास्किंग स्टाफ (एमटीएस) कर्मचारी सुमित कुमार को गिरफ्तार किया गया था।
जांच के दौरान सीआईडी इंटेलिजेंस के अधिकारियों ने पैसों के लेन-देन का पता लगाया और पाया कि जासूसी गतिविधियों के बदले आईएसआई ऑपरेटिव्स द्वारा रफीक चांद शेख (चांद मिया शेख का बेटा) के जरिए पैसा भेजा गया था। जांच एजेंसी के मुताबिक, रफीक चांद शेख से पूछताछ में पता चला कि वह कथित तौर पर लगभग चार साल से आईएसआई के एक हैंडलर के संपर्क में था।
अधिकारियों ने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से जुड़े एक नेटवर्क से मिले निर्देशों पर अमल करते हुए उसने अपने और दूसरे लोगों के नाम पर कई बैंक खाते खोले, ताकि जासूसी में कथित तौर पर शामिल लोगों को पैसे भेजे जा सकें। कथित वित्तीय लेन-देन की पुष्टि करने और नेटवर्क में उसकी भूमिका का पता लगाने के बाद, राजस्थान सीआईडी (इंटेलिजेंस) ने 30 जून को रफीक चांद शेख को गिरफ्तार किया।
अधिकारियों का आरोप है कि वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के लिए फंडिंग एजेंट के तौर पर काम कर रहा था और देश के अंदर संदिग्ध ऑपरेटिव्स तक पैसे पहुंचाने का काम करता था। सीआईडी (इंटेलिजेंस) के अनुसार, जांच जारी है और अधिकारी उन अन्य लोगों की भी विस्तार से जांच कर रहे हैं, जो कथित आईएसआई फंडिंग नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं।
अधिकारी नेटवर्क के पूरे दायरे का पता लगाने और इसमें शामिल सभी लोगों की पहचान करने के लिए अतिरिक्त वित्तीय लेन-देन और संभावित संबंधों की भी जांच कर रहे हैं।

