January 21, 2026
National

राजस्थान: 1100 करोड़ रुपए की साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का भंडाफोड़, 5 गिरफ्तार

Rajasthan: Cyber ​​fraud syndicate worth Rs 1100 crore busted, 5 arrested

पुलिस को साइबर अपराध के मामले में एक बड़ी सफलता मिली है। राजस्थान के जोधपुर कमिश्नरेट पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जिसमें 1,100 करोड़ रुपए से अधिक की ठगी हुई थी। यह गिरोह भारत, कंबोडिया, सिंगापुर और मलेशिया में काम करता था और इसका मुख्य केंद्र कंबोडिया में था। इस कार्रवाई का नेतृत्व पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने किया।

जांच में पता चला कि अपराधियों ने भारतीय सिम कार्ड का अवैध उपयोग करके व्हाट्सएप के जरिए लोगों से संपर्क किया और उन्हें नकली निवेश व ऑनलाइन ट्रेडिंग योजनाओं में फंसाया। तकनीकी जांच में पाया गया कि ये कॉल और मैसेज कंबोडिया के प्रीआ सिहानूक से भेजे गए थे, भले ही भारतीय मोबाइल नंबर इस्तेमाल किए गए थे।

पुलिस ने लगभग 2.30 लाख मोबाइल सिम कार्ड्स के रिकॉर्ड की जांच की और पता चला कि करीब 36,000 भारतीय सिम कंबोडिया में रोमिंग कर रहे थे। इनमें से 5,300 सिम कार्ड्स का इस्तेमाल भारत के कई राज्यों में 1,100 करोड़ रुपए के फ्रॉड के लिए किया गया। गिरोह का तरीका यह था कि ग्राहक को केवल एक सिम दिया जाता, जबकि दूसरा सिम गिरोह अपने पास रख लेता। बाद में ये अतिरिक्त सिम कार्ड्स महंगे दाम पर बेचे जाते और मलेशियाई नागरिकों के जरिए कंबोडिया भेजे जाते, जहां उनका इस्तेमाल साइबर फ्रॉड के लिए किया जाता।

अब तक पांच मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें हेमंत पंवार (सिम वितरक, नागौर), रामावतार राठी (सिम बिक्री एजेंट), हरीश मलाकार (अजमेर), मोहम्मद शरीफ (जोधपुर), और संदीप भट्ट (लुधियाना, पंजाब) शामिल हैं। चार मलेशियाई नागरिकों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया है, जिनके जरिए सिम कार्ड कंबोडिया भेजे गए थे।

साइबर फ्रॉड से प्रभावित राज्यों में महाराष्ट्र: 248.21 करोड़ रुपए, तमिलनाडु: 225.50 करोड़ रुपए, दिल्ली: 73.67 करोड़ रुपए, तेलंगाना: 73.43 करोड़ रुपए, कर्नाटक: 71.79 करोड़ रुपए, और राजस्थान: 25.71 करोड़ रुपए शामिल हैं।पुलिस अब लगभग 5,000 संदिग्ध सिम कार्ड्स और उनके व्हाट्सएप अकाउंट्स को ब्लॉक करने की कार्रवाई कर रही है। इसके साथ ही, एक विशेष जांच टीम बनाई गई है, जो मामले की गहन जांच करेगी और अन्य आरोपियों, लाभार्थियों और वित्तीय लेनदेन का पता लगाएगी।

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