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राजस्थान: बाड़मेर में इंटरनेशनल ड्रग रैकेट का भंडाफोड़, पाकिस्तान से जुड़ा नेटवर्क

Rajasthan: International drug racket busted in Barmer, network linked to Pakistan

8 अप्रैल । एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (एटीएस) और बाड़मेर पुलिस के एक जॉइंट ऑपरेशन में गिरफ्तार किए गए दो स्मगलर सलमान खान और शंकर राम ने पूछताछ के दौरान एक बहुत ही सीक्रेट इंटरनेशनल ड्रग स्मगलिंग नेटवर्क का पर्दाफाश किया है।

मुख्य आरोपी सलमान खान ने बताया कि पिछले छह महीनों से वह पाकिस्तान के एक हैंडलर मसाद के संपर्क में था, जो वहां के निमला गांव का रहने वाला है।

यह संपर्क रहीम खान के जरिए हुआ, जो सलमान के गांव का रहने वाला है और बताया जा रहा है कि वह उस पाकिस्तानी हैंडलर का रिश्तेदार है।

सलमान की आर्थिक परेशानी का फायदा उठाकर उस पाकिस्तानी हैंडलर ने उसे ड्रग तस्करी में शामिल किया। उसे ज्यादा पैसे का लालच दिया गया और ‘डेड ड्रॉप’ यानी तय जगह पर सामान छोड़ने-उठाने का तरीका बताकर धंधे में शाम‍िल क‍िया गया।

राजस्थान के एडीजी (क्राइम) दिनेश एम.एन. ने बताया कि यह पूरा नेटवर्क डिजिटल और लोकेशन के जरिए चलता था।

पाकिस्तानी हैंडलर व्हाट्सऐप कॉल के जरिए जीपीएस लोकेशन भेजता था और सलमान को खास जगहों पर जाने को कहता था। ये जगहें अक्सर बॉर्डर के पास सुनसान इलाकों में या अलग-थलग खेजड़ी के पेड़ों के नीचे होती थीं।

सलमान वहां जमीन में दबे ड्रग्स के पैकेट निकालता था।

पैसे देने का तरीका भी ऐसा ही था या तो उसके पेमेंट्स बैंक अकाउंट में पैसे डाल दिए जाते थे या फिर जमीन में कहीं छ‍िपा दिए जाते थे, जिसकी लोकेशन उसे बाद में भेजी जाती थी।

पूछताछ में सलमान ने बताया कि चार अप्रैल को उसने बॉर्डर से करीब 250 मीटर दूर एक जगह से पांच ड्रग्स के पैकेट निकाले थे, जो पीले प्लास्टिक बैग में जमीन के अंदर दबे हुए थे।

उसने यह भी कबूल किया कि पहले भी वह एक पैकेट, जो महीनों पहले दबाया गया था, दूसरी जगह पहुंचा चुका है। इसके बदले उसे अलग जगह पर छुपाकर रखे गए पैसों के रूप में अच्छा इनाम मिला था।

जांच में यह भी सामने आया है कि यह नेटवर्क कई सालों से चल रहा है। 5-6 साल पहले भी बाड़मेर के सीमावर्ती गांवों में ऐसी तस्करी की गतिविधियां देखी गई थीं।

यह पूरा ऑपरेशन बहुत ही गुप्त तरीके से चलता था। इसमें शामिल लोगों को एक-दूसरे की पहचान तक नहीं होती थी, और हर काम के बाद चैट और लोकेशन जैसी सारी जानकारी डिलीट कर दी जाती थी।

फिलहाल, पुलिस सलमान के मोबाइल डेटा, व्हाट्सऐप चैट और पैसों के लेन-देन की जांच कर रही है।

रहीम खान की तलाश जारी है और पूरे नेटवर्क को खत्म करने की कोशिश की जा रही है।

एडीजी दिनेश एम.एन. ने यह भी बताया कि इस नेटवर्क का इस्तेमाल सिर्फ ड्रग्स ही नहीं, बल्कि विस्फोटक और अवैध हथियारों की तस्करी के लिए भी हो रहा था।

इन खुलासों के बाद राजस्थान एटीएस, एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ), बाड़मेर पुलिस और कई खुफिया एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है।

इनपुट मिलने के बाद संयुक्त टीमों ने बाड़मेर जिले में कई जगह छापेमारी की है और कई संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

अब एजेंसियां उन जगहों की भी तलाश कर रही हैं जहां हथियार या विस्फोटक छुपाए गए हो सकते हैं।

मोबाइल डेटा और डिजिटल जानकारी के आधार पर आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

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