अधिकारियों ने रविवार को बताया कि राजस्थान पुलिस के एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने जोधपुर में लॉरेंस-आरजू बिश्नोई गिरोह से जुड़े दो कथित शार्प शूटरों को गिरफ्तार किया है। उनकी पहचान जसकरण सिंह उर्फ करण, उर्फ सनी, उर्फ कट्टा और राजिंदर सिंह उर्फ बिल्ला के रूप में हुई। दोनों की उम्र 23 वर्ष है और वे पंजाब के फाजिल्का जिले के निवासी हैं।
अधिकारियों ने बताया कि पंजाब पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी में सहायक जानकारी देने वाले प्रत्येक व्यक्ति को 5 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की थी।\ एजीटीएफ के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक दिनेश एमएन ने कहा कि दोनों कथित तौर पर एक बड़े अपराध को अंजाम देने की योजना के साथ जोधपुर आए थे।
उन्हें सूचना मिली थी कि वे सिरोही में हैं और जोधपुर जा रहे हैं, इसी सूचना के आधार पर एजीटीएफ की एक टीम ने जोधपुर कमिश्नरेट पुलिस की मदद से कैलाश नगर स्थित होटल सनसिटी इन के कमरा नंबर 204 पर छापा मारा और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। शुरू में बदमाशों ने खुद को नवीन जाखर और आशु बताकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन अंततः उन्हें वांछित अपराधियों के रूप में अपनी पहचान उजागर करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
ये दोनों अबोहर में कपड़ा व्यापारी संजय वर्मा और फाजिल्का में साहिल सेन की हत्याओं के सिलसिले में वांछित थे। अधिकारियों ने बताया कि पंजाब में उनके खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, मारपीट, धमकी, डकैती, संपत्ति संबंधी अपराध और शस्त्र अधिनियम के उल्लंघन सहित कुल बारह मामले दर्ज हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिद्धांत शर्मा ने बताया कि पुलिस ने उनके कब्जे से 83 ग्राम अफीम से बना पदार्थ, एक रिवॉल्वर, 88,100 रुपये नकद, फर्जी आधार कार्ड, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं।
शर्मा ने बताया कि गिरोह के सदस्य लगभग डेढ़ साल पहले कुछ हत्याओं के बाद नेपाल भाग गए थे और मध्य प्रदेश के रास्ते भारत लौट आए और अंत में राजस्थान में जा पहुंचे। पुलिस ने बताया कि दोनों से जोधपुर यात्रा के उद्देश्य के बारे में पूछताछ की जा रही है।

