N1Live National रामनगर एसआईआर विवाद: प्रह्लाद जोशी बोले-चुनावी प्रक्रिया से हुआ खिलवाड़, निष्पक्ष जांच की मांग
National

रामनगर एसआईआर विवाद: प्रह्लाद जोशी बोले-चुनावी प्रक्रिया से हुआ खिलवाड़, निष्पक्ष जांच की मांग

Ramnagar SIR Controversy: Prahlad Joshi Says Election Process Tampered, Demands Fair Investigation

केंद्रीय खाद्य, सार्वजनिक वितरण और उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि रामनगर जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया में कर्नाटक सरकार सीधे हस्तक्षेप कर रही है। उन्होंने मामले में कथित अनियमितताओं की तत्काल और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

एक बयान में जोशी ने दावा किया कि रामनगर में एसआईआर प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक सिद्धांतों के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा, “रामनगर एसआईआर प्रक्रिया में राज्य सरकार का प्रत्यक्ष हस्तक्षेप और राजनीतिक प्रभाव स्पष्ट रूप से झलकता है। निष्पक्ष जांच बिना किसी देरी के की जानी चाहिए।”

जोशी ने आरोप लगाया कि यह प्रक्रिया एक सुनियोजित साजिश के तहत की गई थी। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार ने राजनीतिक लाभ के लिए मतदाता सूची में हेरफेर करने की कोशिश की थी।

उन्होंने आरोप लगाया, “यह बेहद चिंताजनक है कि राजनीतिक लाभ के लिए मतदाता सूची में हेरफेर करने की एक सुनियोजित साजिश सरकार के उच्च स्तर पर रची गई प्रतीत होती है। ऐसे घटनाक्रम गंभीर चिंता का विषय हैं।”

केंद्रीय मंत्री ने कर्नाटक में कांग्रेस सरकार पर एक स्वतंत्र संवैधानिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने और स्थानीय प्रशासन पर दबाव डालने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, “राज्य की कांग्रेस सरकार का हस्तक्षेप और स्थानीय प्रशासन पर कथित दबाव, उस संवैधानिक प्रक्रिया में हुआ है, जिसे स्वतंत्र रूप से चलना चाहिए। यह बेहद निंदनीय है।”

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) का दुरुपयोग कर चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों और प्रक्रियाओं का उल्लंघन करते हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) किया गया।

उन्होंने दावा किया, “विशेष गहन पुनरीक्षण से संबंधित चुनाव आयोग के नियमों और दिशानिर्देशों की पूरी तरह से अवहेलना की गई है। बूथ स्तर के अधिकारियों का कथित दुरुपयोग इस पूरी प्रक्रिया को अवैध बनाता है।”

व्यापक जांच की मांग करते हुए जोशी ने सवाल उठाया कि कथित अनियमितताओं से किसके हितों की पूर्ति हो रही है।

उन्होंने कहा, “यह निर्धारित किया जाना चाहिए कि इस व्यापक अनियमितता के पीछे किसके हित हैं। जनता की आवाज को दबाने के इस सुनियोजित प्रयास की निष्पक्ष और व्यापक जांच तुरंत की जानी चाहिए।”

जोशी की यह टिप्पणी रामनगर में मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच आई है। इस मामले में चुनाव आयोग ने मतदाता सूची संशोधन के दौरान दिशानिर्देशों के कथित उल्लंघन को लेकर जिला प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है।

कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) वी. अंबु कुमार ने शुक्रवार को रामनगर के उपायुक्त से रिपोर्ट मांगी थी। यह रिपोर्ट एक विवाह हॉल में बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के संचालन और चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों के कथित उल्लंघन से जुड़ी थी।

यह कार्रवाई केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी द्वारा रामनगर जिले में चल रहे मतदाता सूची संशोधन (एसआईआर) अभ्यास में बड़े पैमाने पर घोटाले का आरोप लगाने और मतदाता सूची संशोधन में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं को उजागर करने का दावा करते हुए एक कथित वीडियो जारी करने के एक दिन बाद हुई है।

इस घटनाक्रम की जानकारी आईएएनएस से साझा करते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी वी. अंबु कुमार ने कहा कि उन्होंने रामनगर के उपायुक्त को रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

अंबु कुमार ने कहा, “घटना के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी (रामनगर के उपायुक्त) ने मौके का दौरा किया। वे इस मामले में रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे और उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।”

Exit mobile version