N1Live National राम मंदिर पर विपक्ष कर रहा राजनीति, उनके लोग ही छोड़ रहे उनका साथ: दीपक केसरकर
National

राम मंदिर पर विपक्ष कर रहा राजनीति, उनके लोग ही छोड़ रहे उनका साथ: दीपक केसरकर

Opposition is doing politics on Ram temple, only their own people are abandoning them: Deepak Kesarkar

शिवसेना विधायक दीपक वसंत केसरकर ने राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के लोग केवल राजनीति कर रहे हैं, एक-दूसरे के साथ नहीं हैं, इसीलिए उनके पार्टी के लोग ही उनको छोड़कर जा रहे हैं। शिवसेना विधायक दीपक वसंत केसरकर ने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस रास्ते पर वे चल रहे हैं, वह बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा से मेल नहीं खाता है और इसी कारण पार्टी के कई लोग संगठन छोड़ रहे हैं। संगठन को अपनी दिशा पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है।

राम मंदिर से जुड़े एक कार्यक्रम को लेकर उद्धव ठाकरे की ओर से घोषित ‘श्री राम महा-आरती’ पर प्रतिक्रिया देते हुए केसरकर ने कहा कि पहले उन्हें अपने राजनीतिक सहयोगियों से इस विषय पर स्पष्टता लेनी चाहिए, क्योंकि विचारधारात्मक मतभेद स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं। जनता उनकी बातों में नहीं आने वाली है।

वहीं मुंबई में खुले मैनहोल में गिरने से 60 वर्षीय असलम शेख की मौत के बाद एक बार फिर शहर की नागरिक सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। शिवसेना विधायक दीपक वसंत केसरकर ने इसे बेहद दुखद बताया और जिम्मेदार अधिकारियों तथा ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

शिवसेना विधायक दीपक वसंत केसरकर ने कहा कि ऐसे मामलों में लापरवाही बरतने वालों को कानून के तहत कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

इसी तरह की एक अन्य घटना, साकीनाका क्षेत्र में खुले मैनहोल में गिरने से एक व्यक्ति की मौत पर भी केसरकर ने गहरी चिंता जताई। उन्होंने इसे प्रशासनिक विफलता का परिणाम बताते हुए दोहराया कि दोषियों पर कठोर कार्रवाई आवश्यक है।

महाराष्ट्र सरकार के मंत्री दत्तात्रय विठोबा भरणे ने कहा, “महाराष्ट्र सरकार विधानसभा में महिला किसान सशक्तिकरण विधेयक पेश करने जा रही है। इस कानून के तहत, ग्रामीण इलाकों में डेयरी फार्मिंग और खेती-बाड़ी में मजदूरी करने वाली महिलाओं को किसान प्रमाण-पत्र जारी किए जाएंगे और उन्हें किसानों के तौर पर एक अलग पहचान दी जाएगी।”

उन्होंने कहा, “मैं अभी आपको सही आंकड़ा नहीं बता सकता। हालांकि, जैसा कि आप जानते हैं, लगभग 80 प्रतिशत महिलाओं के नाम पर खेती की जमीन रजिस्टर्ड नहीं है। ऐसी सभी महिलाओं को इस किसान सर्टिफ़िकेशन पहल में शामिल किया जाएगा।”

Exit mobile version