रांची से अपहृत मासूम भाई-बहन अंश (5) और अंशिका (4) की 12 दिन बाद सकुशल बरामदगी के बाद राजधानी में खुशी की लहर दौड़ गई। बच्चों को रामगढ़ जिले के रजरप्पा थाना क्षेत्र अंतर्गत अहमदनगर नामक मोहल्ले से बरामद किया गया। इस मामले में एक महिला और एक पुरुष को गिरफ्तार किया गया है, जिनसे गहन पूछताछ जारी है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बच्चों की सुरक्षित वापसी पर झारखंड पुलिस को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता सराहनीय है और मानव तस्करी से जुड़े गिरोहों के खिलाफ अभियान को तेज किया जाएगा।
सीएम ने सोशल मीडिया पर लिखा, “अपहरणकर्ताओं के चंगुल से आजाद हुईं दो मासूम जिंदगियां। आखिर कोई इतना कैसे गिर सकता है? व्यक्तिगत रूप से मेरे लिए पिछले कुछ दिन काफी परेशान करने वाले रहे। शुरुआत में सफलता नहीं मिल रही थी, लेकिन फिर जिस ढंग से दूसरे राज्य में हुई इसी ढंग की घटना के तार जोड़ रांची पुलिस ने अपराधियों तक पहुंच कर बच्चों को मुक्त करवाया है, वह प्रशंसनीय है। हम इस जांच अभियान को यहीं नहीं छोड़ने जा रहे हैं। राज्य एवं राज्य से बाहर घटित हुई ऐसी घटनाओं की गहन पड़ताल करते हुए, अपराधी गिरोह की कमर तोड़ने की कार्रवाई की जाएगी।”
पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में डीजीपी तदाशा मिश्र ने कहा कि बच्चों की सकुशल बरामदगी पुलिस की कड़ी मेहनत और अनुसंधान का नतीजा है। उन्होंने इस सफल अभियान में शामिल पूरी टीम को रिवॉर्ड देने की घोषणा की।
डीजीपी ने बताया कि इस ऑपरेशन में आईपीएस और डीएसपी स्तर के अधिकारियों से लेकर इंस्पेक्टर, दारोगा और सिपाही तक की अहम भूमिका रही। एसएसपी राकेश रंजन की टेक्निकल सेल और क्यूआरटी की सक्रियता ने भी इस केस को सुलझाने में निर्णायक योगदान दिया। प्रारंभिक जांच में यह मामला केवल अपहरण का नहीं, बल्कि मानव तस्करी से जुड़े एक बड़े अंतरराज्यीय सिंडिकेट का संकेत दे रहा है।
उन्होंने कहा कि इस नेटवर्क में कई और चेहरे शामिल हो सकते हैं और झारखंड पुलिस का लक्ष्य पूरे गिरोह की पहचान कर उन्हें कानून के शिकंजे में लेना है। अंश और अंशिका की पहचान रजरप्पा के अहमदनगर में स्थानीय युवकों की सतर्कता से संभव हो सकी। सचिन और डब्लू नामक युवकों की नजर दोनों बच्चों पर पड़ी, जो एक दंपती के साथ घूमते नजर आए। युवकों ने बच्चों की तस्वीर सोशल मीडिया पर जारी पोस्टर से मिलाई और परिजनों से संपर्क कर पुष्टि की। इसके बाद रजरप्पा पुलिस को सूचना दी गई। महज 10 मिनट में पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चों को सुरक्षित बरामद कर लिया।
गौरतलब है कि 2 जनवरी को धुर्वा थाना क्षेत्र के मौसीबाड़ी खटाल से दोनों बच्चे किराना दुकान जाने के दौरान लापता हो गए थे। इसके बाद शहर में भारी आक्रोश देखा गया। राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की ओर से लगातार प्रदर्शन किया जा रहा था। इस मुद्दे पर रविवार को धुर्वा सबटाउन बंद रखा गया था।
बुधवार को बच्चों की बरामदगी के बाद इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई। बच्चों के घर के पास इकट्ठा हुए सैकड़ों लोगों ने रंग-गुलाल उड़ाते हुए खुशियां मनाईं।
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