N1Live Entertainment इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में रवि किशन बोले भोजपुरी सिनेमा और साहित्य का गहरा संबंध, एक अच्छी स्क्रिप्ट का इंतजार
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इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में रवि किशन बोले भोजपुरी सिनेमा और साहित्य का गहरा संबंध, एक अच्छी स्क्रिप्ट का इंतजार

Ravi Kishan said at the International Film Festival that Bhojpuri cinema and literature have a deep connection and is waiting for a good script.

28 मार्च । प्रगति मैदान स्थित भारतमंडपम में 25 मार्च से शुरू हुए इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में सितारों की रौनक ने दिल्ली को जगमगा दिया है। ऐसा पहली बार है जब दिल्ली में इतनी संख्या में बड़े सितारों का मेला लगा है। समारोह में आमिर खान, कंगना रनौत, कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा, भाजपा सांसद और भोजपुरी एक्टर रवि किशन के अलावा दक्षिण भारतीय सितारों को भी देखा गया।

इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में पहुंचे रवि किशन ने कहा, यह एक शानदार कदम है। मुझे इस मंडपम को देखने का मौका मिला। नरेंद्र मोदी ने एक विशाल ढांचा तैयार किया है जो दर्शाता है कि हम इस नए भारत में बहुत मजबूत हैं। इस फेस्टिवल से हमारे भारतीय फिल्म निर्माताओं को बहुत प्रोत्साहन मिला है कि उन्हें भी अपने भारत में फिल्म समारोह आयोजित करने, बातचीत करने और मीडिया से संपर्क करने का मौका मिला है।” अभिनेता ने ये भी बताया कि उनकी भोजपुरी फिल्म ‘महादेव का गोरखपुर’ की भी आज स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई है। इसके अलावा आगामी नेटफ्लिक्स सीरीज ‘मामला लीगल है-2’ को लेकर भी चर्चा होगी।

रवि किशन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल पर अपने करियर और निजी जिंदगी से जुड़े राज भी खोलेंगे और सीरीज के प्रमोशन के साथ क्षेत्रीय सिनेमा के विकास पर भी बात होगी।

फिल्म फेस्टिवल के लिए रवि किशन ने दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता को धन्यवाद दिया। उनका कहना है कि उस कदम से भारतीय सिनेमा और कल्चर को बल मिलेगा और दिल्ली ही नहीं, बाकि सभी राज्यों में सिनेमा के विकास के लिए ऐसे कार्यक्रम होते रहने चाहिए।

भोजपुरी सिनेमा पर बात करते हुए अभिनेता ने आगे कहा, “भोजपुरी फिल्म उद्योग का साहित्य से गहरा संबंध है। 1962 में हमारे अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद चाहते थे कि भोजपुरी में फिल्में बनें। इसलिए, नजीर हुसैन ने एक फिल्म बनाई और फिल्म बनाने की बात हवाई जहाज में हुई थी। फिल्म का नाम था ‘हे गंगा मैया तोहे पियरी चढ़ाइबो’। यहीं से इसकी शुरुआत हुई और फिर फिल्म उद्योग आगे बढ़ा। फिर 90 के दशक में यह उद्योग ठप हो गया। अभिनेता ने आगे बताया कि वे भोजपुरी में 400 से ज्यादा फिल्में कर चुके हैं और अभी हिंदी सिनेमा में काम करने में व्यस्त हैं लेकिन अगर उन्हें भोजपुरी से अच्छी फिल्म का ऑफर आता है तो वे जरूर करेंगे।

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