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लाल किला बम ब्लास्ट केस: एनआईए की चार्जशीट पर 4 जून को सुनवाई करेगी दिल्ली की अदालत

Red Fort bomb blast case: Delhi court to hear NIA chargesheet on June 4

14 मई । दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए कार बम धमाके में दाखिल एनआईए की चार्जशीट पर पटियाला हाउस कोर्ट की विशेष अदालत 4 जून को सुनवाई करेगी। इस धमाके में 11 लोगों की जान चली गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे।

एनआईए ने गुरुवार को 10 आरोपियों के खिलाफ लगभग 7,500 पन्नों की चार्जशीट पटियाला हाउस कोर्ट में दाखिल की। चार्जशीट में मुख्य साजिशकर्ता उमर उन नबी का भी नाम शामिल है, जो धमाके के समय कार में सवार था। इसके अलावा, चार्जशीट में आमिर राशिद अली, जसीर बिलाल वानी, मुजम्मिल, अदील अहमद राथर, मुफ्ती इरफान अहमद, डॉक्टर शाहीन सईद, सोयब, बिलाल और यासिर अहमद डार के नाम शामिल हैं।

चार्जशीट के मुताबिक, सभी आरोपी कथित तौर पर आतंकी संगठन अंसार गजवत-उल-हिंद’ (एजीयूएच) से जुड़े थे, जिसका संबंध अलकायदा है।

जांच में सामने आया कि आरोपियों ने 2022 में श्रीनगर में गुप्त बैठक कर संगठन को दोबारा सक्रिय किया और ऑपरेशन हेवनली हिंद नाम से देश में बड़े आतंकी हमलों की साजिश रची। एनआईए ने दावा किया कि आरोपियों का मकसद लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई भारत सरकार को उखाड़ फेंकना और शरिया कानून लागू करना था।

आरोपियों पर गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए), भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, शस्त्र अधिनियम और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत आरोप लगाए गए हैं।

लाल किले के पास 10 नवंबर 2025 को एक शक्तिशाली धमाका हुआ था। एजेंसी ने चार्जशीट में दावा किया कि दिल्ली में हुए धमाके में ‘ट्राईएसीटोन ट्राईपरऑक्साइड’ (टीएटीपी) विस्फोटक इस्तेमाल किया गया था। इसी तरह आरोपियों ने बाजार में आसानी से मिलने वाले रसायनों से टीएटीपी जैसे विस्फोटक तैयार किए। जांच में पता चला कि वे ड्रोन और रॉकेट के जरिए विस्फोटक हमलों की तैयारी कर रहे थे।

फिलहाल, इस मामले में कुल 11 आरोपी एनआईए की हिरासत में हैं। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एनआईए लगातार कार्रवाई कर रही है।

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