15 फरवरी । दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने रविवार को नियमित उपस्थिति को लेकर सलाह जारी करते हुए कहा कि सदन की समितियां विधायी निगरानी की मजबूत आधारशिला हैं। उनकी प्रभावशीलता सदस्यों की गंभीरता, नियमित भागीदारी और सामूहिक बुद्धिमत्ता पर निर्भर करती है।
दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने आठवीं विधानसभा की विभिन्न समितियों में शामिल सदस्यों को सलाह जारी करते हुए कहा कि वे समिति की बैठकों में नियमित रूप से उपस्थित रहें और सक्रिय भागीदारी करें।
जारी बयान में कहा गया कि समितियां शासन, प्रशासनिक कार्यों और जन जवाबदेही से जुड़े मामलों की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। अध्यक्ष ने कहा कि समितियों में सार्थक भागीदारी से संस्थागत कार्यप्रणाली मजबूत होती है और सुझाव अधिक व्यापक और प्रभावी बनते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि समिति की बैठकों में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति जरूरी होती है ताकि वे जरूरी जानकारी और तथ्य प्रस्तुत कर सकें। वरिष्ठ अधिकारियों की भागीदारी से चर्चा बेहतर होती है और निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होती है।
इस बीच, दिल्ली सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी प्रशासनिक सचिवों को निर्देश दिया है कि जब भी विधानसभा सचिवालय बुलाए, तो वे समिति की बैठकों में उपस्थित रहें। अगर किसी कारण से वे उपस्थित नहीं हो सकते, तो उनकी जगह विषय की पूरी जानकारी रखने वाले वरिष्ठ अधिकारी को अनुमति लेकर भेजा जाए।
साथ ही, प्रशासनिक सचिवों से यह भी कहा गया है कि समितियों द्वारा मांगी गई जानकारी और दस्तावेज समय पर उपलब्ध कराएं। इन कदमों का उद्देश्य दिल्ली में विधायिका और कार्यपालिका के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और समिति प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना है।


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