राज्य भर में कार्यरत 2,100 एमजीएनआरईजीए कर्मचारियों को अपनी नौकरी खोने का डर सता रहा है, जिसके मद्देनजर सरकार ने शनिवार को केंद्र को पत्र लिखकर नवगठित विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (वीबी-ग्राम) के तहत एमजीएनआरईजीए कर्मचारियों को नियमित करने की मांग की है।
ग्रामीण विकास और पंचायत मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंड ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को लिखे पत्र में केंद्र से उनकी नौकरी की सुरक्षा की गारंटी देने वाली एक समान राष्ट्रीय नीति बनाने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि पंजाब में राज्य सरकार 2,100 से अधिक एमजीएनआरईजीए कर्मचारियों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने केंद्र सरकार के उस फैसले पर सवाल उठाया जिसमें कर्मचारियों के भविष्य को अनिश्चित छोड़कर नई योजना का वित्तीय बोझ राज्यों पर डाल दिया गया है।
उन्होंने लंबित वेतन की तत्काल रिहाई की मांग की और जोर देकर कहा कि लगभग दो दशकों से ग्रामीण विकास कार्यक्रमों को मजबूत करने वाले कर्मचारियों को 18 साल की सेवा के बाद उपेक्षित नहीं किया जा सकता।


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