77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि भारत का संविधान प्रत्येक भारतीय के धर्म, कर्तव्यों और जीवन शैली का सजीव प्रतिबिंब है।
कटक में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व जैसे महान आदर्शों के माध्यम से देशवासियों को एक सूत्र में बांधता है और इसी ने भारत को विश्व में एक विशिष्ट पहचान दिलाई है।
मुख्यमंत्री माझी ने नागरिकों से संविधान में निहित मूल्यों को बनाए रखने और अपने मौलिक कर्तव्यों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि विश्व का सबसे लंबा लिखित संविधान हमारे वर्तमान और भविष्य के लिए मार्गदर्शक है। जाति, धर्म और रंग से परे यह हर भारतीय के जीवन का मानदंड है। यह केवल कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि हर भारतीय के दिल की धड़कन है, जो हमारे धर्म, कर्तव्य और जीवनशैली को दर्शाता है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भारत के संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को स्मरण किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह हम अपने मौलिक अधिकारों की रक्षा को लेकर सजग रहते हैं, उसी तरह मौलिक कर्तव्यों के निर्वाह को भी उतना ही महत्व देना चाहिए। ऐसा करने से ही एक आदर्श लोकतांत्रिक समाज और एक अनुकरणीय राष्ट्र का निर्माण संभव है।
मुख्यमंत्री माझी ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा लागू कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले 11 वर्ष भारत के लिए परिवर्तनकारी रहे हैं। यह कालखंड देश के लिए बड़े और ऐतिहासिक बदलावों का दशक साबित हुआ है। ओडिशा ने भी बीते 19 महीनों में तेजी से प्रगति की है।
अपने संबोधन में सीएम ने वामपंथी उग्रवादियों से हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास के पथ पर सभी को साथ लेकर चलना चाहती है। मुख्यमंत्री ने अगले दस वर्षों में एक समृद्ध ओडिशा के निर्माण का लक्ष्य दोहराते हुए कहा कि 2036 तक राज्य को देश के शीर्ष पांच राज्यों में शामिल होना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए राज्य के प्रत्येक नागरिक, प्रत्येक क्षेत्र और प्रत्येक जिले का समृद्ध होना जरूरी है।
मुख्यमंत्री माझी ने बीजद सरकार के स्मार्ट स्कूल कार्यक्रम पर एक बार फिर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी सरकार केवल रंग-बिरंगे स्कूल बनाने के बजाय मजबूत नींव वाले और वास्तव में विश्व स्तरीय शैक्षणिक संस्थानों के निर्माण पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
उन्होंने राज्य की माताओं और बहनों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार उनकी सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और यदि कोई उनके खिलाफ अपराध करता है, तो उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।


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