सोमवार को चंबा के ऐतिहासिक चौगान मैदान में 77वां गणतंत्र दिवस बड़े उत्साह और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रोफेसर चंद्र कुमार ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और पुलिस, वन विभाग, होम गार्ड, एनसीसी, एनएसएस, स्काउट्स एंड गाइड्स, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और पंडित जवाहरलाल नेहरू सरकारी मेडिकल कॉलेज के नर्सिंग छात्रों की टुकड़ियों द्वारा प्रस्तुत प्रभावशाली मार्च पास्ट की सलामी ली।
इस अवसर पर मंत्री ने सभा को नशा-विरोधी शपथ दिलाई। राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में उपस्थित सभी लोगों ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम गाया। गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए मंत्री ने गणतंत्र की स्थापना में अमूल्य योगदान और निस्वार्थ बलिदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने भारत के संविधान को एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक बताया।
विकास संबंधी पहलों पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के सक्षम, संवेदनशील और पारदर्शी नेतृत्व में राज्य सरकार समावेशी विकास के उद्देश्य से व्यवस्थागत सुधारों के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने प्राकृतिक खेती से उगाई गई फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) निर्धारित किया है। उन्होंने बताया कि हल्दी, गेहूं और मक्का एमएसपी पर खरीदे जा रहे हैं, जबकि चंबा जिले की पांगी घाटी को प्राकृतिक खेती उप-मंडल घोषित किया गया है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए नए स्वरोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं।
समारोह के दौरान मंत्री ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों, गैर-सरकारी संगठनों, परेड टुकड़ियों और छात्रों को सम्मानित किया। स्कूली छात्रों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह में रौनक बढ़ा दी। इस अवसर पर विधायक नीरज नायर, पूर्व मंत्री आशा कुमारी, उपायुक्त मुकेश रेपासवाल, पुलिस अधीक्षक विजय कुमार सकलानी, वरिष्ठ अधिकारी, पूर्व सैनिक और प्रमुख नागरिक उपस्थित थे।

