N1Live Entertainment ‘शादी से ज्यादा रिश्तों में सम्मान जरूरी’; जीनत अमान ने लिव-इन रिलेशनशिप और जिंदगी को लेकर खुलकर रखी राय
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‘शादी से ज्यादा रिश्तों में सम्मान जरूरी’; जीनत अमान ने लिव-इन रिलेशनशिप और जिंदगी को लेकर खुलकर रखी राय

"Respect is more important in relationships than marriage"; Zeenat Aman opens up about live-in relationships and life

हिंदी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री जीनत अमान हमेशा से अपनी बेबाक सोच और अलग अंदाज के लिए पहचानी जाती रही हैं। वह हर मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखती है, फिर चाहे वह रिश्तों को लेकर हो, शादी को लेकर या फिर महिलाओं की आजादी को लेकर। एक बार मशहूर चैट शो ‘रेंडेजवस विद सिमी ग्रेवाल’ में बातचीत के दौरान उन्होंने लिव-इन रिलेशनशिप, शादी और रिश्तों की सच्चाई पर खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने रिश्तों को समाज के बनाए नियमों से अलग नजरिए से देखने की बात कही।

शो के दौरान होस्ट सिमी ग्रेवाल ने जब जीनत अमान से उनकी निजी जिंदगी और शादी को लेकर सवाल किया, तो अभिनेत्री ने कहा कि वह दोबारा शादी नहीं करना चाहतीं।

जब सिमी ग्रेवाल ने उनसे पूछा कि क्या वह अकेले रहकर खुश हैं, तो जीनत अमान ने इस सवाल का बेहद अलग तरीके से जवाब दिया। उन्होंने कहा, ”अकेला होने का मतलब सिर्फ शादीशुदा न होना नहीं है। कोई इंसान बिना शादी किए भी किसी के साथ गहरा और खूबसूरत रिश्ता निभा सकता है। रिश्ते की मजबूती शादी के कागजों से नहीं बल्कि दो लोगों की समझ और सम्मान से तय होती है।”

जीनत अमान ने कहा, “मैं खुद कभी दोबारा शादी नहीं करना चाहती हूं क्योंकि मेरा मानना है कि बिना शादी के भी दो लोग एक-दूसरे के साथ खुश रह सकते हैं। जब दो लोग अपनी मर्जी से साथ रहते हैं और एक-दूसरे को समझते हैं, तो वह रिश्ता ज्यादा सच्चा और मजबूत होता है। रिश्तों में मजबूरी नहीं बल्कि अपनापन होना चाहिए।”

बातचीत के दौरान जीनत अमान ने अपनी जिंदगी के कुछ दर्दनाक अनुभव भी साझा किए। उन्होंने बताया, “मेरी मां का निधन हो चुका है और मेरे पति मजहर खान भी इस दुनिया को छोड़कर जा चुके हैं। इन घटनाओं ने मुझे जिंदगी की असली सच्चाई समझाई। इस दुनिया में कुछ भी हमेशा के लिए नहीं रहता। जब जिंदगी ही स्थायी नहीं है, तो फिर हम यह उम्मीद क्यों करते हैं कि हर रिश्ता हमेशा कायम रहेगा।”

जीनत अमान ने कहा, ”बच्चे भी हमेशा माता-पिता के साथ नहीं रहते। वे भी बड़े होकर अपनी जिंदगी और अपने फैसलों के साथ आगे बढ़ जाते हैं। इंसान का सबसे मजबूत और भरोसेमंद रिश्ता खुद उसका अपना साथ होता है। अगर कोई व्यक्ति खुद के साथ खुश रहना सीख जाए, तो वह जिंदगी के हर दौर को बेहतर तरीके से संभाल सकता है।”

जीनत अमान ने कहा, ”जब कोई रिश्ता शादी, कानून, परंपरा और सामाजिक नियमों के दबाव से बंधा नहीं होता, तब उसमें ज्यादा ईमानदारी और सम्मान होता है। ऐसे रिश्तों में लोग एक-दूसरे के साथ इसलिए रहते हैं क्योंकि वे साथ रहना चाहते हैं, न कि इसलिए क्योंकि उन्हें साथ रहना पड़ रहा है।”

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