तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धरमानी ने बताया कि राज्य सरकार ने बिलासपुर जिले के घुमारविन में बाल गृह के निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपये जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने घुमारविन तहसील के पालसोती गांव में दो बीघा जमीन महिला एवं बाल विकास विभाग को इस सुविधा के निर्माण के लिए हस्तांतरित कर दी है। उन्होंने आगे कहा कि भवन निर्माण कार्य शीघ्र ही शुरू होगा।
धरमानी ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा बजट में की गई घोषणा के अनुसार, बाल देखभाल, संरक्षण और पुनर्वास सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में बाल गृह के निर्माण के लिए राशि स्वीकृत की गई है। उन्होंने कहा कि यह सुविधा किशोर न्याय (देखभाल एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 और इसके अंतर्गत निर्धारित मानकों के अनुसार विकसित की जाएगी।
यह संस्था देखभाल और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों को सुरक्षित आवास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, परामर्श, पुनर्वास, व्यावसायिक प्रशिक्षण और बेहतर जीवन सुविधाएं प्रदान करेगी।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि बाल गृह में दो छात्रावास, दो कक्षाएँ, एक प्राथमिक चिकित्सा कक्ष, रसोईघर, भोजन कक्ष, भंडार कक्ष, मनोरंजन कक्ष, पुस्तकालय, पर्याप्त स्नानघर और शौचालय, कार्यालय स्थान, परामर्श और मार्गदर्शन कक्ष, एक कार्यशाला, किशोर न्याय बोर्ड और बाल कल्याण समिति के लिए अलग-अलग कमरे और एक खेल का मैदान, साथ ही अन्य आवश्यक सुविधाएं शामिल होंगी।
उन्होंने कहा कि बाल गृह के निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए संबंधित विभागों को पहले ही निर्देश जारी किए जा चुके हैं ताकि काम जल्द से जल्द शुरू हो सके।
धरमानी ने अपने गृह क्षेत्र में बाल गृह के लिए 2 करोड़ रुपये स्वीकृत करने पर मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संस्था की स्थापना के बाद बिलासपुर जिले में बाल संरक्षण सेवाओं को मजबूती मिलेगी और जरूरतमंद बच्चों को उनके सर्वांगीण विकास के लिए एक सुरक्षित, सम्मानजनक और सहायक वातावरण उपलब्ध होगा।

