भाजपा सांसद जगन्नाथ सरकार ने देश की राजनीति में चल रहे कई मुद्दों को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने विपक्ष पर वोट बैंक की राजनीति करने और संसद का माहौल खराब करने का आरोप लगाया।
जगन्नाथ सरकार ने उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उत्तर भारत और दक्षिण भारत को अलग करने की बात कही गई थी। उन्होंने आईएएनएस से कहा, “इस तरह की सोच गलत है। यह वोट बैंक की राजनीति है। सत्ता में बने रहने के लिए इस तरह की बातें कही जाती हैं। ब्रिटिश राज के समय से उत्तर और दक्षिण को अलग बताने की थ्योरी चलाई गई, लेकिन हमारा हिंदुस्तान हमेशा से एक रहा है। हमारी संस्कृति भी एक है। देश को आगे बढ़ाना है तो सबको एकजुट होकर चलना होगा, तभी विकसित भारत बनेगा।”
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष की ओर से अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि स्पीकर ने स्पष्ट किया है कि 9 मार्च को जब तक अविश्वास प्रस्ताव पेश नहीं हो जाता और उस पर पूरी कार्रवाई नहीं हो जाती, तब तक सदन में नियमों के अनुसार प्रक्रिया चलेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा देशहित में काम कर रही है, लेकिन विपक्ष संसद में गैरकानूनी मुद्दे उठाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहा है। यह सही रास्ता नहीं है।
बांग्लादेश में चुनाव से पहले एक हिंदू व्यापारी की हत्या के मामले पर भी उन्होंने चिंता जताई। उन्होंने बताया कि 62 वर्षीय व्यापारी का पहले अपहरण किया गया और फिर धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। परिवार न्याय की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं बेहद दुखद हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की किताब को लेकर मचे विवाद पर जगन्नाथ सरकार ने कहा कि खुद जनरल ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया है कि किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी किताब में लिखी बातों के आधार पर प्रधानमंत्री और सरकार पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। संसद में किसी किताब पर चर्चा करने के लिए नियम और अनुमति जरूरी होती है। बिना प्रक्रिया पूरी किए हंगामा करना और माहौल बनाना ठीक नहीं है।
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “विपक्ष की जिम्मेदारी निभाना छोटा काम नहीं है। राजनीति में स्थिरता और परिपक्वता जरूरी है। अभी राहुल गांधी में वह परिपक्वता नहीं दिखती।”


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