N1Live Entertainment रोहित शेट्टी फायरिंग केस : प्रवीण लोनकर को कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेजा, क्राइम ब्रांच की कस्टडी मांग खारिज
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रोहित शेट्टी फायरिंग केस : प्रवीण लोनकर को कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेजा, क्राइम ब्रांच की कस्टडी मांग खारिज

Rohit Shetty firing case: Court sends Praveen Lonkar to judicial custody, rejects Crime Branch's custody plea

17 मार्च । मुंबई में फिल्म निर्माता-निर्देशक रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई फायरिंग के मामले में जांच कर रही मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। इस मामले में गिरफ्तार आरोपी प्रवीण लोनकर की पुलिस कस्टडी खत्म होने के बाद उसे दोबारा अदालत में पेश किया गया।

क्राइम ब्रांच ने अदालत से चार दिन की और पुलिस कस्टडी की मांग की थी, ताकि उससे आगे की पूछताछ की जा सके। लेकिन अदालत ने पुलिस की यह मांग खारिज कर दी और प्रवीण लोनकर को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दे दिया।

पुलिस के मुताबिक, प्रवीण लोनकर से पूछताछ के दौरान इस मामले से जुड़े कई अहम सुराग सामने आए हैं। जांच एजेंसियों का मानना था कि अगर उसे कुछ और दिन पुलिस हिरासत में रखा जाता, तो इस साजिश से जुड़े और बड़े खुलासे हो सकते थे। लेकिन, अदालत ने आगे की पुलिस कस्टडी देने से इनकार कर दिया और आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

इस मामले में प्रवीण लोनकर का नाम सामने आने के बाद क्राइम ब्रांच ने उसे गिरफ्तार किया था। वह पहले से ही चर्चित बाबा सिद्दीकी हत्याकांड के मामले में जेल में बंद था। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि वह जेल में रहते हुए भी इस साजिश से जुड़ा हुआ था। इसके बाद क्राइम ब्रांच ने उसे इस केस में भी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की थी।

जांच में सामने आया है कि रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई फायरिंग की घटना एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी। जांच में सामने आया कि इस पूरी योजना में शुभम लोनकर नाम का शख्स मुख्य भूमिका में था, जबकि प्रवीण लोनकर इस साजिश के संचालन में मदद कर रहा था।

पुलिस के अनुसार, फायरिंग की घटना से पहले हमलावरों ने कई दिनों तक इलाके की रेकी की थी। इसके बाद सही मौके का इंतजार किया गया और रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग की गई। इस घटना के बाद पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी जांच के आधार पर संदिग्ध लोगों की पहचान की। इसके बाद अलग-अलग राज्यों में छापेमारी कर कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

अब तक इस मामले में पुणे, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें मुख्य शूटर समेत कई लोग शामिल हैं। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि हमले में इस्तेमाल किए गए हथियार और वाहन अलग-अलग जगहों से जुटाए गए थे। इस पूरे नेटवर्क को एक संगठित अपराध गिरोह से जोड़कर देखा जा रहा है।

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