एक ही महीने में तीन सफल अंगदान अभियानों से उत्साहित होकर, पं. बी.डी. शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, रोहतक ने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान शुरू करने की घोषणा की है। इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीणों को अंगदान के बारे में शिक्षित करना और उन्हें अपने अंगदान का संकल्प लेने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस पहल का लक्ष्य यह संदेश फैलाना है कि अंगदान सबसे बड़ा उपहार है, जो कई अन्य लोगों के जीवन को रोशन और बेहतर बना सकता है।
कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने गुरुवार को हरियाणा यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (एचयूडब्ल्यूजे) के प्रतिनिधिमंडल द्वारा अंगदान को बढ़ावा देने के प्रयासों के लिए सम्मानित किए जाने के दौरान इस कार्यक्रम की घोषणा की। उन्होंने कहा, “अंगदान के माध्यम से एक व्यक्ति आठ लोगों को नया जीवन दे सकता है। अंगदान के द्वारा जीवन बचाना सबसे महान कार्य है। एक महीने के भीतर आयोजित तीन अंगदान अभियानों ने न केवल रोहतक में, बल्कि राज्य के अन्य जिलों में भी कई लोगों को प्रेरित किया है।”
अग्रवाल ने आगे बताया कि हरियाणा राज्य अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन को लोगों को अंगदान करने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु एक विशेष जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। अंगदान करने वालों के लिए घर-घर जाकर पंजीकरण की सुविधा हेतु गांवों में विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे।
रजिस्ट्रार डॉ. रूप सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय ने पिछले एक वर्ष में अंगदान के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाए हैं। उन्होंने आगे कहा, “हमारे ट्रॉमा सेंटर में अब एक परंपरा शुरू की गई है जिसके तहत मस्तिष्क-मृत दाताओं के परिवारों को पूरे सम्मान और गरिमा के साथ अंतिम विदाई दी जाती है। उनके नेक योगदान के प्रति सम्मान और कृतज्ञता के प्रतीक के रूप में पार्थिव शरीर को पुष्प अर्पित किए जाते हैं।”
HUWJ के अध्यक्ष मनमोहन कथूरिया ने कहा कि PGIMS अंगदान के क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर रहा है, जहां अब गंभीर स्थितियों में जान बचाने के लिए अंगों को हवाई मार्ग से पहुंचाया जा रहा है। कोषाध्यक्ष लोकेश जैन ने कहा कि एक डॉक्टर की जिम्मेदारी केवल उपचार प्रदान करने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें अंगदान जैसे सार्थक सामाजिक कार्यों के प्रति समाज का मार्गदर्शन करना भी शामिल है।


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