नई दिल्ली, रोमानिया स्थित भारतीय दूतावास के प्रतिनिधि ने काला सागर हमले में घायल हुए 3 भारतीयों से मुलाकात की। बुधवार को तस्वीरों के साथ अपडेट दिया। बताया कि तीनों की हालत स्थिर है। दो को होटल में शिफ्ट कर दिया गया है जबकि एक का कॉन्स्टैन्टा अस्पताल में इलाज जारी है।
दूतावास ने एक्स प्लेटफॉर्म पर तस्वीरों के साथ एक बयान जारी किया। लिखा, “दूतावास के प्रतिनिधि ने आज (बुधवार) काला सागर में एमवी रोयाद मम्मादोव से बचाए गए तीन भारतीय नागरिकों से मुलाकात की। दो को फिलहाल एक होटल में ठहराया गया है, जबकि तीसरे व्यक्ति का कॉन्स्टैन्टा के काउंटी अस्पताल में इलाज चल रहा है। तीनों की हालत स्थिर है।”
इसमें आगे बताया गया कि दूतावास ने उन्हें रोमानिया से उनके सुरक्षित और शीघ्र प्रस्थान के लिए सभी आवश्यक मदद देने का आश्वासन दिया। मोबाइल फोन सहित आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति शिपिंग कंपनी के स्थानीय एजेंट के माध्यम से, जबकि भारतीय भोजन की व्यवस्था एक स्थानीय भारतीय रेस्तरां के माध्यम से की गई।
पोस्ट के मुताबिक, प्रतिनिधि ने स्थानीय पुलिस अधिकारियों, शिपिंग कंपनी के एजेंट और इलाज करने वाले डॉक्टरों से भी मुलाकात की। दूतावास संबंधित अधिकारियों के साथ निकट संपर्क में है और सभी आवश्यक सहायता प्रदान करने को तत्पर है।
भारत ने मंगलवार को ब्लैक सी से गुजर रहे एमवी रोयाद मम्मादोव नाम के कमर्शियल जहाज पर हुए हमले की कड़े शब्दों में निंदा की थी। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने बयान जारी कर कहा, “हम काला सागर में एमवी रोयाद मम्मादोव पर हुए हमले की निंदा करते हैं, जिसमें दो विदेशी नाविक मारे गए और तीन भारतीयों समेत चालक दल के कुछ सदस्य घायल हो गए। घायलों को रोमानियाई अधिकारियों ने बचा लिया और उनका रखरखाव किया जा रहा है।”
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, जहाज के चालक दल में शामिल तीनों भारतीय सुरक्षित हैं। भारत ने रोमानियाई रक्षक दल का आभार जताते हुए कहा, “हम इस घटना में त्वरित कार्रवाई के लिए रोमानियाई अधिकारियों को धन्यवाद देते हैं।”
विदेश मंत्रालय ने यह भी रेखांकित किया कि भारत ने सितंबर 2026 में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान लाइबेरिया के साथ मिलकर ‘ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स ऑन सेफ्टी एंड सिक्योरिटी ऑफ शिपिंग एंड सीफेरर्स’ की शुरुआत की थी। इस समूह में 25 देश शामिल हैं।
बता दें कि सोमवार को ब्लैक सी (काला सागर) में कॉमर्शियल जहाज पर हुए हमले में 3 भारतीय नागरिकों समेत कई क्रू सदस्यों की जान खतरे में पड़ गई थी। इस हमले में दो विदेशी नागरिकों की मौत हो गई थी। भारतीय दूतावास ने घटना के बाद ही अपडेट दिया था। बताया था कि ‘सभी भारतीय सुरक्षित हैं और उनका इलाज रोमानिया के अस्पताल में चल रहा है।’
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पोस्ट में इस हमले का जिम्मेदार रूस को ठहराया था। जहाज में मक्का लदा था और ये यूक्रेन के इजमेल बंदरगाह से इटली के रावेना ले जाया जा रहा था।


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