हरियाणा में विधायक सरदार जरनैल सिंह के साथ विधानसभा में हुए कथित दुर्व्यवहार को लेकर शिरोमणि अकाली दल हरियाणा के अध्यक्ष हरकेश सिंह मोहरी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि एक चुने हुए विधायक के साथ सिर्फ इसलिए दुर्व्यवहार किया गया क्योंकि वह सिख और दलित है, जो कांग्रेस की नीति को दर्शाता है। उन्होंने सज्जन कुमार मामले में दीपेंद्र और भूपेंद्र हुड्डा द्वारा मौन व्रत रखने पर भी सवाल उठाते हुए कांग्रेस से माफी मांगने और दोषी विधायक पर कार्रवाई की मांग की है।
शिअद हरियाणा के अध्यक्ष हरकेश सिंह मोहरी ने कहा, “जो सरदार जरनैल सिंह जी के साथ हुआ, वह बहुत बुरा दुर्व्यवहार है। यह कहीं न कहीं कांग्रेस की नीति है। एक चुना हुआ विधायक दूसरे विधायक के खिलाफ दुर्व्यवहार करता है सिर्फ इस कारण से कि वह चेहरे से सिख है, वह दलित है। इन लोगों की कहीं न कहीं अपनी, चाहे वह दलित समाज के प्रति हो या सिखों के प्रति, जवाबदेही बनती है कि यह जो इतना बुरा, घिनौनी हरकत वहां पर एक एमएलए ने की है, कांग्रेस उसके प्रति अपनी नीति स्पष्ट करे।”
सज्जन सिंह पर टिप्पणी को लेकर उन्होंने कहा कि दीपेंद्र हुड्डा और भूपेंद्र हुड्डा ने जो बोला है, उसके प्रति जो अपना प्यार जताया, उसका विरोध जो होना था वह स्वाभाविक था। एक विधायक ने भी विरोध अपना दर्ज करवाया। तो उसने कहा कि माफी मांगनी है आप लोगों को, इसमें क्या बुरा था? अगर यह कहते हैं हम सिखों के हितैषी हैं, सिख कौम के वफादार हैं, सिखों के प्रति हम बड़े भावुक विचार रखते हैं, तो इनको माफी मांगने में क्या था?
हरकेश सिंह मोहरी ने कहा कि ऐसा नहीं है कि यह कोई आम मुद्दा था, कोई राजनीतिक मुद्दा था; यह एक धार्मिक मुद्दा था। इसे एक सिख नेता के द्वारा उठाया जा रहा था, चाहे वह किसी पार्टी से संबंधित हो, और एक दलित समाज के नेता के द्वारा उठाया जा रहा था। इस आवाज को दबाया गया; इस आवाज को हम दबने नहीं देंगे। हम लड़ेंगे और इसके लिए आगे रणनीति बनाएंगे।
दोनों नेताओं के खिलाफ कार्रवाई को लेकर शिअद नेता ने कहा कि हम देखेंगे अभी पूरी हरियाणा में पार्टी नेतृत्व क्या कहता है। यह अकेले का फैसला नहीं होता; हमारा संविधान ही मिल-जुलकर चलता है। हम अपने सभी वर्कर साहिबान की एक मीटिंग बुलाएंगे और उसमें हम जल्द ही कोई फैसला लेंगे। उसमें चाहे इस एमएलए का घेराव करना हो या हुड्डा बाप-बेटों का घेराव करना हो या विधानसभा पर अपना एतराज जताना हो, हम देखेंगे नीति कैसी है।

