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साधना की जयंती पर सायरा बानो ने साझा कीं यादगार तस्वीरें, बोलीं-भारतीय सिनेमा की बेहतरीन अदाकारा

Saira Banu shares memorable photos on Sadhana's birth anniversary; calls her one of Indian cinema's finest actresses.

60 और 70 के दशक की शीर्ष अभिनेत्रियों में शुमार साधना शिवदासानी की जयंती बुधवार को मनाई जा रही है। इस अवसर अभिनेत्री सायरा बानो और जैकी श्रॉफ ने उन्हें याद किया। अभिनेत्री सायरा बानो ने इंस्टाग्राम पर कुछ तस्वीरें पोस्ट कीं, जिनमें वह साधना, राज कपूर और माला सिन्हा जैसे दूसरे सितारों के साथ हैं।

उन्होंने लिखा, “साधना को जन्मदिन पर प्यार भरी याद। भारतीय सिनेमा की सबसे बेहतरीन अदाकाराओं में से एक और गरिमा से भरी शख्सियत। साधना एस.मुखर्जी (शशधर मुखर्जी) के फिल्मालय स्टूडियो की सबसे बेहतरीन खोजों में से एक थीं। वह एक ऐसी कलाकार जिन्होंने ‘वो कौन थी’, ‘मेरा साया’ और ‘वक्त’ जैसी फिल्मों में शानदार काम किया था, जो आज भी लोगों के दिलों और यादों में हमेशा के लिए बसा हुआ है।”

अभिनेता जैकी श्रॉफ ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरीज सेक्शन पर अभिनेत्री साधना की कुछ तस्वीरें पोस्ट कीं, जिसके साथ उन्होने लिखा, “आप हमेशा हमारी यादों में रहेंगी।” 60 और 70 के दशक की शीर्ष अभिनेत्रियों में शुमार साधना अपनी बेहतरीन अदाकारी के साथ-साथ अपने खास हेयरस्टाइल (साधना कट) के लिए आज भी बेहद लोकप्रिय हैं।

साधना ने महज 14 साल की उम्र में राज कपूर की फिल्म ‘श्री 420’ के प्रसिद्ध गाने ‘मुड़ मुड़ के ना देख’ में एक बैकग्राउंड डांसर के रूप में काम किया था। इसके बाद वह 1958 की फिल्म ‘अबाना’ में मुख्य अभिनेत्री की छोटी बहन का किरदार निभाया था और इसके लिए उन्हें मात्र ₹1 की प्रतीकात्मक फीस मिली थी।

साल 1960 में शशधर मुखर्जी की फिल्म ‘लव इन शिमला’ से साधना ने मुख्य अभिनेत्री के रूप में पदार्पण किया, जिसके निर्देशक आरके नैयर थे। यह फिल्म सुपरहिट रही। हालांकि, हॉलीवुड अभिनेत्री ऑड्रे हेपबर्न से प्रेरित उनके खास हेयरस्टाइल को ‘साधना कट’ नाम मिला, जो उस दौर की युवतियों के बीच ट्रेंड बन गया था।

फिल्म संन्यास में साइड रोल करने से इंकार करते हुए अभिनेत्री ने फिल्मों से दूरी बना ली और केवल मुख्य नायिका के रूप में ही काम करने का अपना उसूल निभाया। 25 दिसंबर 2015 को उनका निधन हो गया।

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