दिल्ली की एक अदालत ने पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार को 1984 के सिख विरोधी दंगों के दौरान राष्ट्रीय राजधानी के जनकपुरी और विकासपुरी क्षेत्रों में हुई हिंसा से संबंधित एक मामले में बरी कर दिया विशेष न्यायाधीश दिग् विनय सिंह ने पिछले साल दिसंबर में मामले में अंतिम बहस समाप्त होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था।
फरवरी 2015 में, एक विशेष जांच दल ने दंगों के दौरान दिल्ली के जनकपुरी और विकासपुरी में हुई हिंसा की शिकायतों के आधार पर कुमार के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज कीं। पहली एफआईआर जनकपुरी में हुई हिंसा के संबंध में दर्ज की गई थी, जहां 1 नवंबर, 1984 को सोहन सिंह और उनके दामाद अवतार सिंह नामक दो व्यक्तियों की हत्या कर दी गई थी।
दूसरी एफआईआर गुरचरण सिंह के मामले में दर्ज की गई थी, जिसे कथित तौर पर 2 नवंबर, 1984 को विकासपुरी में आग लगा दी गई थी।

